लेबनान में स्वास्थ्य केंद्र पर हमला: 14 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत, WHO ने जताई गहरी चिंता

Sun 15-Mar-2026,06:33 PM IST +05:30

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लेबनान में स्वास्थ्य केंद्र पर हमला: 14 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत, WHO ने जताई गहरी चिंता Lebanon Health Center Attack
  • लेबनान में स्वास्थ्य केंद्रों पर हमले में 14 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत।

  • लेबनान में स्वास्थ्य केंद्रों पर हमले में 14 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत।

  • WHO प्रमुख ने घटना को बताया गंभीर और चिंताजनक।

South Governorate / Sidon :

Lebanon / मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच दक्षिणी लेबनान से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने पुष्टि की है कि हालिया हमलों में 14 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत हो गई है। उन्होंने इस घटना को क्षेत्र में बढ़ते संकट का एक बेहद चिंताजनक और दुखद पहलू बताया है।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार देर रात बोर्ज कलाउयेह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हुए हमले में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिक्स सहित 12 चिकित्सा कर्मियों की जान चली गई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार उस समय सभी कर्मचारी स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी पर मौजूद थे और स्थानीय लोगों को चिकित्सा सेवाएं दे रहे थे।

एक ही दिन में दो हमले
डब्ल्यूएचओ के अनुसार इस बड़े हमले से कुछ घंटे पहले ही एक और घटना हुई थी। अल सोवाना क्षेत्र के एक स्वास्थ्य केंद्र पर हुए हमले में दो पैरामेडिक्स की मौत हो गई। इस तरह एक ही दिन में कुल 14 स्वास्थ्यकर्मियों की जान चली गई।

घटना के बाद खोज और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और लापता लोगों की तलाश जारी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बोर्ज कलाउयेह हमले में कम से कम एक स्वास्थ्यकर्मी गंभीर रूप से घायल भी हुआ है, जिसका इलाज चल रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते हमले
डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा कि ये घटनाएं केवल एक अलग घटना नहीं हैं, बल्कि लेबनान की स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगातार हो रहे हमलों का हिस्सा हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हमले उन लाखों लोगों के लिए बेहद खतरनाक हैं जो चिकित्सा सेवाओं पर निर्भर हैं।

डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के मुताबिक 2 मार्च से अब तक लेबनान में स्वास्थ्य सेवाओं पर 27 हमले दर्ज किए जा चुके हैं। इन हमलों में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 35 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और कहा है कि चिकित्सा कर्मियों और स्वास्थ्य केंद्रों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सीधा उल्लंघन है। मंत्रालय ने कहा कि डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिक्स को कभी भी युद्ध का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।

बढ़ती जंग और तनाव
शनिवार सुबह हुए हमले व्यापक सैन्य गतिविधियों का हिस्सा बताए जा रहे हैं। लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार इन हमलों में देशभर में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है।

इस दौरान हिजबुल्लाह और इजरायली बलों के बीच मारून अल-रस, बिन्त जबील और ऐता अल-शाब जैसे क्षेत्रों में भीषण झड़पें भी जारी हैं। हिजबुल्लाह की सैन्य शाखा ने दावा किया है कि उसने इजरायली ठिकानों पर रॉकेट और ड्रोन हमले किए हैं।

शांति की अपील
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए तुरंत तनाव कम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युद्ध और हिंसा का सबसे बड़ा असर आम नागरिकों और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा संकट को खत्म करने के लिए सभी पक्षों को तत्काल कदम उठाने चाहिए, क्योंकि “शांति ही सबसे अच्छी दवा है।”

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