KVS का सख्त निर्देश: फिल्मों और सोशल मीडिया कंटेंट में यूनिफॉर्म व लोगो के इस्तेमाल पर रोक

Mon 16-Mar-2026,12:47 AM IST +05:30

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KVS का सख्त निर्देश: फिल्मों और सोशल मीडिया कंटेंट में यूनिफॉर्म व लोगो के इस्तेमाल पर रोक KVS Uniform Rule India
  • बिना अनुमति KVS यूनिफॉर्म और लोगो का उपयोग प्रतिबंधित.

  • फिल्मों, वेब सीरीज और सोशल मीडिया कंटेंट पर लागू होगा नियम.

  • उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी.

Delhi / Delhi :

New Delhi / केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने अपनी संस्थागत पहचान की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण और सख्त कदम उठाया है। संगठन ने हाल ही में एक नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व लिखित अनुमति के केंद्रीय विद्यालय की यूनिफॉर्म, लोगो या संस्थान के नाम का उपयोग किसी भी फिल्म, वेब सीरीज, सोशल मीडिया कंटेंट या विज्ञापन में नहीं किया जा सकेगा। संगठन ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था इन नियमों का उल्लंघन करती है तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। KVS के अनुसार हाल के वर्षों में डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण कई बार स्कूलों की यूनिफॉर्म, नाम या प्रतीकों का इस्तेमाल मनोरंजन या प्रचार के लिए किया जाता रहा है, जिससे संस्थान की छवि प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए संगठन ने यह स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नोटिस में कहा गया है कि केंद्रीय विद्यालय से संबंधित किसी भी प्रकार की पहचान जैसे यूनिफॉर्म, लोगो, नाम या संस्थान से जुड़ी अन्य प्रतीकात्मक चीजों का उपयोग तभी किया जा सकेगा जब उसके लिए संगठन से पहले से लिखित अनुमति प्राप्त की गई हो। यह नियम फिल्मों, वेब सीरीज, सोशल मीडिया रील्स, गानों, विज्ञापनों और अन्य डिजिटल या दृश्य माध्यमों पर समान रूप से लागू होगा।

केंद्रीय विद्यालय संगठन ने अपने निर्देश में यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी कंटेंट में केंद्रीय विद्यालय के छात्रों, शिक्षकों या स्कूल के वातावरण को भ्रामक, आपत्तिजनक या अपमानजनक तरीके से दिखाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। संगठन का कहना है कि ऐसा करने से न केवल संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है, बल्कि छात्रों और शिक्षकों की छवि भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। KVS ने यह भी कहा है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था इन नियमों की अनदेखी करती है तो उसे बौद्धिक संपदा अधिकार और ट्रेडमार्क कानूनों के उल्लंघन के रूप में देखा जाएगा। ऐसे मामलों में संगठन जरूरत पड़ने पर सिविल और आपराधिक दोनों तरह की कानूनी कार्रवाई कर सकता है। यह निर्देश विशेष रूप से कंटेंट क्रिएटर्स, फिल्म और वेब सीरीज निर्माताओं, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, प्रोडक्शन हाउस और डिजिटल एजेंसियों के लिए जारी किया गया है। संगठन का कहना है कि डिजिटल मीडिया के दौर में किसी भी संस्थान की पहचान का जिम्मेदारी के साथ उपयोग किया जाना जरूरी है। केंद्रीय विद्यालय देश की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थाओं में से एक है और इसके साथ लाखों छात्र, शिक्षक और अभिभावक जुड़े हुए हैं। ऐसे में संगठन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसकी पहचान का इस्तेमाल किसी भी ऐसे रूप में न हो जो संस्थान की गरिमा को प्रभावित करे। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम संस्थागत पहचान की सुरक्षा और जिम्मेदार कंटेंट निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शैक्षणिक संस्थानों के प्रतीकों के अनियंत्रित उपयोग पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।