एक घर–एक ईंधन नीति: LPG और PNG को लेकर सरकार का नया नियम लागू

Sun 15-Mar-2026,08:00 PM IST +05:30

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एक घर–एक ईंधन नीति: LPG और PNG को लेकर सरकार का नया नियम लागू LPG PNG New Rule India
  • PNG वाले घरों को अब नया LPG कनेक्शन नहीं मिलेगा.

  • दोनों कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को LPG सरेंडर करना होगा.

  • सरकार की “एक घर–एक ईंधन” नीति से गैस वितरण संतुलित होगा.

Delhi / Delhi :

Delhi / केंद्र सरकार ने रसोई गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन को लेकर नया नियम लागू किया है। इस नई व्यवस्था के तहत जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन पहले से मौजूद है, उन्हें अब एलपीजी सिलेंडर का नया कनेक्शन नहीं मिलेगा। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के पास पहले से दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। सरकार का उद्देश्य गैस की सीमित आपूर्ति को जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना और वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है।

सरकार द्वारा किए गए संशोधन के अनुसार एलपीजी (आपूर्ति एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 में बदलाव किया गया है। इस बदलाव के बाद तेल विपणन कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम अब ऐसे घरों में एलपीजी कनेक्शन की आपूर्ति नहीं करेंगी जहां पहले से पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही जिन उपभोक्ताओं के पास दोनों तरह के कनेक्शन हैं, उन्हें एलपीजी कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा। इसके बाद पीएनजी उपयोग करने वाले उपभोक्ता एलपीजी सिलेंडर की रीफिल बुकिंग भी नहीं कर पाएंगे।

सरकार की इस नीति को “एक घर – एक ईंधन” के सिद्धांत पर आधारित बताया जा रहा है। सरकार का मानना है कि शहरों में जहां पाइप्ड गैस की सुविधा उपलब्ध है, वहां एलपीजी सिलेंडर की जरूरत कम हो जाती है। ऐसे में अगर एक ही घर दोनों सुविधाओं का उपयोग करता है तो इससे गैस की आपूर्ति पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से सरकार एलपीजी की उपलब्धता को उन परिवारों तक पहुंचाना चाहती है जिनके पास पीएनजी जैसी वैकल्पिक सुविधा नहीं है।

नीति निर्माताओं के अनुसार इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में रहने वाले उपभोक्ताओं को लाभ मिल सकता है। कई बार देखा गया है कि बड़े शहरों में एक ही परिवार के पास कई गैस कनेक्शन होते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। अब जब पीएनजी वाले घरों में एलपीजी की आपूर्ति सीमित की जाएगी, तो सिलेंडरों की उपलब्धता अन्य जरूरतमंद परिवारों के लिए बढ़ेगी।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम गैस वितरण प्रणाली को अधिक संतुलित बनाने की दिशा में उठाया गया है। हालांकि कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि कई बार पीएनजी की आपूर्ति बाधित होने पर एलपीजी सिलेंडर बैकअप के रूप में काम करता था। ऐसे में दोनों कनेक्शन रखने की सुविधा खत्म होने से कुछ लोगों को असुविधा भी हो सकती है।

फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां इस नियम को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी में हैं। उपभोक्ताओं को भी अपने कनेक्शन की स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक होने पर एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। सरकार का कहना है कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और गैस की उपलब्धता को ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है।