दिल्ली AQI सुधार: GRAP-3 हटने के बाद शहर में राहत, हवा में स्वच्छता की उम्मीद
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Delhi Air Polution Update
GRAP-3 हटने से दिल्ली में जनजीवन सामान्य होगा।
निर्माण कार्य, वाहनों और ईंट भट्टों की गतिविधियां फिर से शुरू।
नागरिकों को प्रदूषण नियंत्रण और सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह।
Delhi / दिल्ली की हवा में हाल के दिनों में जो खतरनाक और जहरीला धुआं घुला हुआ था, अब धीरे-धीरे साफ होने लगा है। कल तक जहां लोगों को हर सांस के साथ अपने शरीर में धीमा जहर पहुंचने का खतरा महसूस हो रहा था और AQI 380 के पार जाकर लोगों में डर फैल गया था, वहीं शुक्रवार की शाम तक यह स्तर 236 तक गिर गया। इस सुधार को देखते हुए सेंट्रल एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली और NCR में लागू स्टेज-III की पाबंदियों यानी GRAP-3 को तुरंत प्रभाव से हटा दिया। इसका मतलब यह हुआ कि शहर में निर्माण कार्य, स्टोन क्रशर और खनन, बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहन, ईंट भट्टे और अन्य बंद गतिविधियां अब फिर से संचालित हो सकेंगी।
GRAP-3 हटने से लोगों की दिनचर्या सामान्य होने लगी है। निर्माण कंपनियों और मजदूरों को बड़ी राहत मिली है क्योंकि गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ पर लगी रोक हट गई है। स्टोन क्रशर और माइनिंग संचालन अब पुनः शुरू हो गया है, जिससे निर्माण और उद्योग क्षेत्र में गतिविधियां तेज होंगी। वहीं बीएस-3 और बीएस-4 वाहन सड़कों पर दौड़ने लगे हैं, जिससे आवागमन आसान हुआ है। ईंट भट्टों का संचालन भी अब बहाल हो गया है। प्राइमरी स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाओं के संचालन में भी आसानी होगी, हालांकि फिलहाल छुट्टियों के कारण बच्चे स्कूल नहीं गए हैं।
हालांकि प्रशासन और विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह सुधार स्थायी नहीं है और प्रदूषण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। स्टेज-I और स्टेज-II की पाबंदियां अब भी लागू रहेंगी। इसका मतलब यह है कि धूल नियंत्रण के उपाय, कचरा जलाने पर रोक और सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग जैसी गतिविधियां जारी रहेंगी। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें ताकि AQI फिर से 300 के पार न जा सके।
वायु गुणवत्ता में सुधार एक सकारात्मक संकेत है और यह विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में कदम है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हवा की गुणवत्ता में सुधार जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में और पाबंदियों को कम किया जा सकता है। नागरिकों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है कि वे प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों से बचें। इस बदलाव के साथ ही दिल्ली और NCR में लोगों को फिर से खुली हवा में सांस लेने का मौका मिला है और यह शहरवासियों के लिए राहत भरा समाचार है।
सरकार और CAQM के ताजा फैसले ने यह संदेश दिया है कि प्रदूषण नियंत्रण और विकास दोनों को साथ लेकर चलना संभव है। हालांकि, लोगों और उद्योगों को अपनी जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है ताकि हवा की गुणवत्ता लंबे समय तक सुधरी रहे। इस सकारात्मक बदलाव के बीच यह भी जरूरी है कि नागरिक सतर्क रहें और प्रदूषण कम करने में सहयोग दें, जिससे भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य संकट से बचा जा सके।