इंदौर दूषित पानी त्रासदी: भागीरथपुरा कांड से दहला इंदौर
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इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 17 मौतों के बाद कांग्रेस ने 11 जनवरी को न्याय यात्रा निकालने का ऐलान किया।
6 जनवरी को मोमबत्ती मार्च और 7 जनवरी को महिला कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित है।
Madhya Pradesh/ मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हुई मौतों ने प्रशासन और राजनीति दोनों को झकझोर दिया है। अब तक इस घटना में 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 150 से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार अलर्ट मोड पर है और स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा रहा है।
इस बीच, घटना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इसे प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए 11 जनवरी को सड़कों पर उतरने का ऐलान किया है। कांग्रेस की ओर से ‘न्याय यात्रा’ निकाली जाएगी, जो बड़ा गणपति मंदिर से शुरू होकर राजवाड़ा तक जाएगी। इस यात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता और सभी कांग्रेस विधायक शामिल होंगे।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी का आरोप है कि दूषित पेयजल आपूर्ति के लिए जिम्मेदार तंत्र पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यह त्रासदी हुई।
कांग्रेस ने विरोध के चरणबद्ध कार्यक्रम भी घोषित किए हैं। 6 जनवरी को शहर के सभी 85 वार्डों में प्रमुख चौराहों पर मोमबत्तियां जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। वहीं 7 जनवरी को महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ता प्रदर्शन कर मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगी।
भागीरथपुरा की यह घटना पेयजल व्यवस्था, शहरी निगरानी और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। प्रशासनिक जांच और राजनीतिक दबाव के बीच पीड़ित परिवार न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।