क्या तीसरे विश्व युद्ध की आहट? रूस पर हमलों से बढ़ा वैश्विक तनाव
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रूस के इलाकों पर हमलों से वैश्विक तनाव बढ़ा, लेकिन कूटनीति और परमाणु प्रतिरोध संतुलन बड़े युद्ध को फिलहाल रोकने में अहम।
पश्चिमी समर्थन, प्रतिबंध और रणनीतिक दबाव संघर्ष को लंबा खींच सकते हैं, जिससे गलत आकलन का जोखिम बना रहता है।
भारत सहित कई देश शांति, संवाद और स्थिरता की अपील कर रहे हैं ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर सीमित रहे।
Delhi / रूस के भीतर कुछ इलाकों पर हालिया हमलों और सीमा-पार तनाव ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। सवाल उठ रहा है क्या यह तीसरे विश्व युद्ध की आहट है, या फिर शक्ति प्रदर्शन और रणनीतिक दबाव की एक और कड़ी? विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा हालात गंभीर जरूर हैं, लेकिन सीधे तौर पर वैश्विक युद्ध की घोषणा कहना जल्दबाज़ी होगी।
रूस लंबे समय से सुरक्षा, प्रभाव क्षेत्र और नाटो के विस्तार को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। ऐसे में उसके क्षेत्रों पर हमले, चाहे वे सीमित क्यों न हों, मॉस्को के लिए “रेड लाइन” माने जा सकते हैं। जवाबी कार्रवाई की आशंका स्वाभाविक है, पर कूटनीतिक चैनल अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संयम और संवाद की अपील तेज़ हुई है, क्योंकि किसी भी बड़े टकराव का असर केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा।
दूसरी ओर, पश्चिमी देशों की भूमिका भी जटिल बनी हुई है। प्रत्यक्ष हस्तक्षेप से बचते हुए रणनीतिक समर्थन, आर्थिक प्रतिबंध और सैन्य सहायता जैसे कदमों ने तनाव को लंबे समय तक खींचा है। इससे जोखिम यह है कि किसी भी गलत आकलन या दुर्घटना से संघर्ष का दायरा बढ़ सकता है। हालांकि, परमाणु शक्तियों के बीच “डिटरेंस” यानी प्रतिरोधक संतुलन अब भी बड़े युद्ध को रोकने वाला कारक माना जा रहा है।
भारत सहित कई उभरती शक्तियां शांति और स्थिरता की वकालत कर रही हैं। ऊर्जा, खाद्य आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले ही दबाव में हैं; ऐसे में व्यापक युद्ध दुनिया के लिए विनाशकारी होगा। विश्लेषकों का कहना है कि यह समय भावनात्मक बयानबाज़ी का नहीं, बल्कि ठंडे दिमाग से जोखिम प्रबंधन का है।
रूस के इलाकों पर हमले ने खतरे की घंटी जरूर बजाई है, पर तीसरे विश्व युद्ध की घोषणा करना अभी तथ्यों से आगे निकलना होगा। आने वाले हफ्तों में कूटनीतिक पहल, सैन्य संयम और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता तय करेगी कि दुनिया तनाव घटाने की ओर जाती है या टकराव के नए दौर में प्रवेश करती है।