प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन किसी हमले की आशंका को पूरी तरह खारिज कर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि सबसे पहले मृतकों की पहचान करना प्राथमिकता है ताकि उनके शव परिवारों को सौंपे जा सकें। आग की वजह से गंभीर रूप से जले घायलों का इलाज सियोन, लॉज़ान, ज़्यूरिख और जेनेवा के अस्पतालों में चल रहा है, जहां विशेष यूनिट्स में उनका उपचार किया जा रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि अधिकांश पीड़ित 15 से 25 साल की उम्र के युवा थे और आग इतनी तेज़ थी कि उनके फेफड़ों में जहरीला धुआं भी घुस चुका था।
यूरोपीय देशों के नागरिक इस हादसे में प्रभावित हुए हैं। इटली के 16 नागरिक लापता बताए गए हैं और 12-15 अन्य अस्पताल में भर्ती हैं। फ्रांस के 8 नागरिक लापता हैं, जबकि कुछ घायल फ्रांसीसी नागरिक भी हैं। स्विट्ज़रलैंड के स्थानीय प्रशासन और विदेशी दूतावास पीड़ितों की मदद में जुटे हुए हैं। ब्रिटेन के किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया, वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घायल नागरिकों के इलाज के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने बताया कि आग ‘फ्लैशओवर’ की प्रक्रिया से तेजी से फैल गई, जिसमें कमरे के अंदर की वस्तुएं अत्यधिक गर्म होकर ज्वलनशील गैस छोड़ने लगीं और यह गैस मिनटों में जलकर पूरे कमरों को आग की चपेट में ले लिया। बार की ऊपरी मंज़िल पर टीवी स्क्रीन लगी थी और नीचे की मंज़िल डांस और ड्रिंक के लिए भरी हुई थी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग, प्रशासन और आपातकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के उपायों की समीक्षा कर रही हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी हमले का कोई संकेत नहीं है और आग एक सामान्य शुरुआत से भयानक रूप लेने वाली घटना थी। मृतकों और घायलों की पहचान में कई हफ़्तों का समय लग सकता है। घटना ने पूरे यूरोप में चिंता और शोक की लहर दौड़ा दी है।
स्विट्ज़रलैंड की सरकार, स्थानीय प्रशासन और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पीड़ितों और उनके परिवारों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। राहत कार्य, गंभीर घायलों का इलाज और आग लगने के कारणों की जांच लगातार जारी है। यह घटना यह दिखाती है कि जश्न और मनोरंजन के दौरान सुरक्षा उपायों की कितनी अहमियत है और ऐसी दुर्घटनाओं से बचाव के लिए तैयारियों की आवश्यकता है।