विकासनगर अग्निकांड पर भ्रामक पोस्ट, दो FIR दर्ज, पुलिस सख्त
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विकासनगर अग्निकांड को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट वायरल होने पर पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की।
इंस्टाग्राम पोस्ट में गलत आंकड़े और भड़काऊ सामग्री साझा कर जनता में आक्रोश फैलाने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का आरोप लगाया गया।
पुलिस ने आपत्तिजनक भाषा और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए लोगों से जिम्मेदारी से सोशल मीडिया उपयोग करने की अपील की।
Vikasnagar Fire/ विकासनगर अग्निकांड को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य अफवाहों पर रोक लगाना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। पुलिस का कहना है कि गलत जानकारी से जनता में भ्रम और आक्रोश फैल सकता है, जिससे हालात बिगड़ने की आशंका रहती है।
पहला मामला इंस्टाग्राम आईडी “news_artery” से जुड़ा है, जहां झोपड़पट्टी में हुए अग्निकांड को लेकर एक वीडियो पोस्ट किया गया। इस पोस्ट में दावा किया गया कि घटना में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई, जबकि आधिकारिक आंकड़े इससे अलग हैं। पुलिस के अनुसार, यह पोस्ट भ्रामक है और लोगों को भड़काने की कोशिश करती है।
शिकायत दर्ज कराने वाले दरोगा भानु प्रताप सिंह के मुताबिक पोस्ट में पुलिस के खिलाफ उकसाने वाली बातें भी लिखी गई थीं, जिससे जनता के मन में आक्रोश पैदा हो सकता था।
दूसरी एफआईआर इंस्टाग्राम आईडी “mdali10k” के संचालक के खिलाफ दर्ज की गई है। आरोप है कि इस अकाउंट से अग्निकांड को लेकर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया गया, जिसमें सिलेंडर ब्लास्ट और अन्य तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। साथ ही, पोस्ट में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल भी किया गया।
पुलिस ने बताया कि इन पोस्टों का उद्देश्य समाज में डर और दहशत फैलाना तथा विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना था। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।