बेंगलुरु में IEPFA निवेशक शिविर, लंबित लाभांश और शेयर दावों का त्वरित समाधान
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Iepfa-Bengaluru-Investor-Camp-Dividend-Share-Claims
IEPFA Bengaluru Investor Camp में 900 से अधिक निवेशकों को अप्राप्त लाभांश, शेयर और लंबित दावों के समाधान की सुविधा एक मंच पर मिली।
IEPFA की राष्ट्रव्यापी पहल निवेशक जागरूकता, पारदर्शिता और भरोसेमंद वित्तीय इको-सिस्टम के निर्माण को मजबूत कर रही है।
DELHI/ भारत सरकार के कारपोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन निवेशक शिक्षा और संरक्षण कोष प्राधिकरण (आईईपीएफए) ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) तथा बाजार अवसंरचना संस्थानों (एमआईआई) के सहयोग से 3 जनवरी 2026 को बेंगलुरु में एक दिवसीय “निवेशक शिविर” का सफल आयोजन किया। यह शिविर यशवंतपुर स्थित श्री वाई. मुनिस्वमप्पा कल्याण मंडप में आयोजित हुआ, जिसमें कर्नाटक भर से आए निवेशकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
इस निवेशक शिविर का मुख्य उद्देश्य अप्राप्त लाभांश, शेयर, और वर्षों से लंबित आईईपीएफए दावों से जुड़े मामलों का त्वरित समाधान उपलब्ध कराना था। शिविर ने निवेशकों को एक ही मंच पर शिकायत निवारण, दावा प्रक्रिया में सहायता, केवाईसी अपडेट, नामांकन संशोधन और निवेशक सेवाओं से संबंधित सभी सुविधाएं प्रदान कीं।
कार्यक्रम में आईईपीएफए, सेबी, एमआईआई और रजिस्ट्रार एवं ट्रांसफर एजेंट (आरटीए) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें आईईपीएफए की सीईओ एवं संयुक्त सचिव श्रीमती अनीता शाह अकेल्ला, सेबी के वरिष्ठ अधिकारी श्री कृष्णानंद राघवन और श्री बिनोद शर्मा, आईईपीएफए के महाप्रबंधक लेफ्टिनेंट कर्नल आदित्य सिन्हा, सीडीएसएल के श्री सीएस हरिशा और बीएसई के श्री विनय कुमार प्रमुख रूप से शामिल थे।
शिविर के दौरान आईईपीएफए द्वारा “आईईपीएफए दावों और निवेशक सेवाओं के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका” नामक एक व्याख्यात्मक पुस्तिका भी लॉन्च की गई। इस पुस्तिका का उद्देश्य निवेशकों में जागरूकता बढ़ाना और दावा प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाना है।
बेंगलुरु और आसपास के क्षेत्रों से 900 से अधिक निवेशकों और दावेदारों ने इस शिविर में सक्रिय भागीदारी की। शिविर में छह से सात वर्षों से लंबित लाभांश और शेयरों से जुड़े दावों का मौके पर समाधान किया गया। हितधारक कंपनियों और आरटीए द्वारा विशेष कियोस्क लगाए गए, जिससे निवेशकों को सीधे अधिकारियों से संवाद करने का अवसर मिला और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई।
इस पहल से सैकड़ों निवेशकों को तत्काल राहत मिली, जिनकी शिकायतें आमतौर पर महीनों तक लंबित रहती थीं। कार्यक्रम की दक्षता, पारदर्शिता और त्वरित समाधान प्रक्रिया की निवेशकों द्वारा व्यापक सराहना की गई।
गौरतलब है कि पुणे, हैदराबाद, जयपुर और अमृतसर में सफल आयोजन के बाद बेंगलुरु इस निवेशक-केंद्रित पहल की अगली कड़ी बना। यह शिविर आईईपीएफए की राष्ट्रव्यापी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बिना दावे वाले निवेशों की अधिकता वाले शहरों पर विशेष ध्यान देना है।
आईईपीएफए का यह प्रयास निवेशकों की जागरूकता बढ़ाने, वित्तीय हितों की रक्षा करने और भारत के वित्तीय तंत्र में विश्वास एवं पारदर्शिता स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।