OpenAI का AI दावा: 200 साल पुरानी Navier-Stokes पहेली पर बड़ा विवाद, गणितज्ञों ने उठाए सवाल

Thu 10-Sep-2026,02:42 PM IST +05:30

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OpenAI का AI दावा: 200 साल पुरानी Navier-Stokes पहेली पर बड़ा विवाद, गणितज्ञों ने उठाए सवाल OpenAI Math Breakthrough
  • OpenAI ने Navier-Stokes equations से जुड़ी कठिन गणितीय समस्या हल करने का दावा किया।

  • गणितज्ञ Tristan Buckmaster ने AI के इस्तेमाल और शोध की मौलिकता पर सवाल उठाए।

  • OpenAI के प्रमाण की अभी औपचारिक peer review प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / गणित की दुनिया की सबसे चर्चित अनसुलझी समस्याओं में शामिल Navier-Stokes equations को लेकर OpenAI के एक बड़े दावे ने वैज्ञानिक समुदाय में नई बहस छेड़ दी है। कंपनी का कहना है कि उसके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल ने करीब 200 साल पुराने इस गणितीय सवाल से जुड़े एक महत्वपूर्ण परिणाम को हल कर लिया है। हालांकि, इस दावे के सामने आते ही शोध की मौलिकता, डेटा के इस्तेमाल और शोधकर्ताओं के योगदान को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

Navier-Stokes equations का इस्तेमाल तरल पदार्थों की गति को समझने के लिए किया जाता है। हवा का बहाव, मौसम का अनुमान, विमान की उड़ान और मानव शरीर में रक्त के प्रवाह जैसी कई प्राकृतिक घटनाओं को समझने में इन समीकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका है। लेकिन गणित की दुनिया में सवाल यह है कि क्या ये समीकरण हर परिस्थिति में सीमित और व्यवस्थित समाधान देते हैं या कुछ परिस्थितियों में इनमें blowup यानी singularity पैदा हो सकती है।

यह समस्या Clay Mathematics Institute की सात Millennium Prize Problems में शामिल है और इसके समाधान के लिए 10 लाख डॉलर का पुरस्कार रखा गया है।

10 हजार AI एजेंट ने किया काम
OpenAI के मुताबिक, इस समस्या पर काम करने के लिए करीब 10 हजार AI एजेंट को लगाया गया। ये एजेंट लगभग 88 घंटे तक लगातार काम करते रहे। इनमें करीब 100 एजेंट ने पहले संबंधित Euler equations पर काम किया, जो Navier-Stokes का एक सरल रूप है और इसमें viscosity को शामिल नहीं किया जाता।

OpenAI के अनुसार करीब 50 घंटे बाद AI एजेंटों ने smooth forcing तकनीक के जरिए Euler equations में blowup के परिणाम खोजे। इसके बाद टीम ने Navier-Stokes की ओर रुख किया।

कंपनी ने बताया कि AI सिस्टम ने इस दौरान करीब 27 लाख संदेश भेजे और लगभग 130 अरब output tokens का इस्तेमाल किया। तैयार किए गए गणितीय प्रमाण को Lean नाम के proof-checking program से भी जांचा गया, जो गणितीय तर्क के प्रत्येक चरण की औपचारिक जांच करता है।

ट्रिस्टन बकमास्टर के दावे से बढ़ा विवाद
OpenAI के दावे के बाद न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के गणितज्ञ Tristan Buckmaster ने गंभीर सवाल उठाए। बकमास्टर और Anthropic से जुड़े गणितज्ञ Levent Alpöge भी इसी दिशा में शोध कर रहे थे। दोनों ने 15 अगस्त को smooth forcing के जरिए Euler equations में blowup से जुड़े परिणाम हासिल करने का दावा किया था।

बकमास्टर के मुताबिक, 3 सितंबर को उन्हें जानकारी मिली कि OpenAI को उनके काम की जानकारी हो गई थी और कंपनी ने इसी तरह की रणनीति अपनाई। उन्होंने कहा कि forcing शब्द सुनना उनके लिए एक बड़ा संकेत था, क्योंकि इस तकनीक पर उस समय बहुत कम शोधकर्ता काम कर रहे थे।

OpenAI का कहना है कि उसने 1 सितंबर को Navier-Stokes पर काम शुरू किया था और उसी समय उसे Millennium Prize Problems के संभावित समाधान से जुड़ी अफवाहों की जानकारी मिली थी। कंपनी के CEO Sam Altman ने भी माना कि OpenAI को बकमास्टर और Alpöge के काम के बारे में पहले जानकारी मिली थी, लेकिन उनका कहना है कि OpenAI का तरीका अलग था।

डेटा और लेखकों को लेकर भी सवाल
विवाद का दूसरा बड़ा हिस्सा AI मॉडल के प्रशिक्षण और उपयोगकर्ता डेटा से जुड़ा है। बकमास्टर ने बताया कि वह अपने शोध के दौरान OpenAI के Codex coding assistant का इस्तेमाल कर रहे थे और उसमें अपने शोध के ड्राफ्ट डालते थे। उन्होंने कंपनी से पूछा कि क्या उनके Codex sessions को मॉडल के प्रशिक्षण या शोध में इस्तेमाल किया गया था, लेकिन उनके मुताबिक उन्हें इसका स्पष्ट जवाब नहीं मिला।

OpenAI ने बाद में कहा कि उसके कर्मचारियों या एजेंटों ने सार्वजनिक होने से पहले उनके काम को किसी माध्यम से नहीं देखा था। हालांकि, कंपनी ने यह भी कहा कि वह इस संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं कर सकती कि उसके उत्पादों के इस्तेमाल से जुड़ा de-identified data मॉडल को बेहतर बनाने में मददगार रहा हो।

लेखकत्व को लेकर भी विवाद सामने आया। बकमास्टर ने आरोप लगाया कि OpenAI के गणित शोध प्रमुख Sébastien Bubeck ने Alpöge को उनके संयुक्त शोधपत्र से हटाने का दबाव बनाया। Bubeck ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें “false and inflammatory” बताया है।

गणितीय समुदाय में चिंता
इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया के कई गणितज्ञों ने चिंता जताई है। forcing तकनीक के शुरुआती विकास से जुड़े Diego Córdoba ने OpenAI के परिणाम की गति पर हैरानी जताई। UCLA के प्रसिद्ध गणितज्ञ Terence Tao ने भी चिंता व्यक्त की कि यदि किसी बड़े शोध की अफवाह मात्र से AI कंपनियां उस दिशा में बड़े पैमाने पर संसाधन लगा दें, तो वैज्ञानिक समुदाय में शोध साझा करने की परंपरा प्रभावित हो सकती है।

हालांकि OpenAI के प्रमाण की अभी औपचारिक peer review प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। Clay Mathematics Institute ने भी इस दावे पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।

इस विवाद ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—अगर AI लाखों लोगों के साथ होने वाली बातचीत और शोध गतिविधियों से सीखता है, तो उससे निकली नई खोजों का श्रेय किसे मिलना चाहिए? Navier-Stokes equations का गणितीय समाधान चाहे जो निकले, AI और वैज्ञानिक शोध के बीच बदलते रिश्तों पर शुरू हुई यह बहस आने वाले वर्षों में और गहरी होने की संभावना है।