Ayushman Bharat Review Meeting: AB PM-JAY और ABDM पर राष्ट्रीय समीक्षा बैठक संपन्न

Sat 18-Jul-2026,11:07 PM IST +05:30

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Ayushman Bharat Review Meeting: AB PM-JAY और ABDM पर राष्ट्रीय समीक्षा बैठक संपन्न Ayushman Bharat Review Meeting
  • AB PM-JAY और ABDM की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में डिजिटल हेल्थ और AI पर विशेष फोकस।

  • उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 15 पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

  • वित्तीय सुधार, डेटा सुरक्षा और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर बनी नई रणनीति।

Delhi / Delhi :

नई दिल्ली। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा आयोजित आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) पर दो दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा बैठक (चिंतन शिविर) का शनिवार को नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में सफलतापूर्वक समापन हुआ। 17-18 जुलाई 2026 तक चली इस बैठक में केंद्र सरकार, राज्य स्वास्थ्य एजेंसियों, विकास भागीदारों और विभिन्न हितधारकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य आयुष्मान भारत की दोनों प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, राज्यों के सफल मॉडलों को साझा करना और देश के डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र को और मजबूत बनाने के लिए भविष्य की रणनीति तैयार करना था। दूसरे दिन की चर्चा विशेष रूप से वित्तीय स्थिरता, सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करने, स्वास्थ्य विश्लेषण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर केंद्रित रही।

बैठक के दौरान विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को कुल 15 पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। AB PM-JAY के तहत आंध्र प्रदेश, सिक्किम और लक्षद्वीप को प्रति लाख आबादी पर सबसे अधिक वीवीएस कार्ड जारी करने के लिए सम्मान मिला। वहीं मध्य प्रदेश, मेघालय और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के साथ सबसे अधिक पूर्व-अनुमोदन (Pre-Authorization) दर्ज करने के लिए सम्मानित किया गया।

ABDM के अंतर्गत अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली-दमन एवं दीव, लद्दाख और लक्षद्वीप को डिजिटल हेल्थ रजिस्ट्रियों की संतृप्ति हासिल करने के लिए सम्मान मिला। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश को ABHA निर्माण और Scan & Pay सेवाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कहा कि आयुष्मान भारत की दोनों योजनाएं देश की स्वास्थ्य व्यवस्था का मजबूत आधार बन चुकी हैं। उन्होंने राज्यों से डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने, डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा और स्वास्थ्य डेटा के जिम्मेदार उपयोग पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।

बैठक में वित्तीय प्रबंधन, अनुदान के प्रभावी उपयोग और सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत बनाने पर भी व्यापक चर्चा हुई। केरल ने राज्य स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं को आयुष्मान भारत से जोड़ने के अपने मॉडल को साझा किया, जबकि तमिलनाडु ने मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के अनुभव प्रस्तुत करते हुए बताया कि दावा राशि के पुनर्निवेश से अस्पतालों के बुनियादी ढांचे, उपकरणों और डिजिटल सुविधाओं को कैसे सुदृढ़ किया गया।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने स्वास्थ्य विश्लेषण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नए डिजिटल टूल्स का भी प्रदर्शन किया। इन उपकरणों की मदद से जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का विश्लेषण, अस्पतालों की क्षमता का आकलन और सेवा वितरण में मौजूद कमियों की पहचान अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी। बैठक में अस्पतालों के लंबित भुगतानों को तेज करने के लिए नेशनल हेल्थ क्लेम एक्सचेंज जैसे डिजिटल समाधान पर भी चर्चा हुई।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने चिकित्सा महाविद्यालयों में डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को लागू करने की अपनी योजनाओं की जानकारी दी, जबकि सर्वम एआई ने स्वास्थ्य सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से जुड़े आधुनिक समाधान प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने माना कि सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से एआई तकनीकों का उपयोग भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाएगा।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने कहा कि यह समीक्षा बैठक राज्यों और केंद्र के बीच अनुभव साझा करने का प्रभावी मंच साबित हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां हुए विचार-विमर्श से आयुष्मान भारत की दोनों योजनाओं के अगले चरण के लिए मजबूत रोडमैप तैयार होगा और भारत का डिजिटल स्वास्थ्य परिवर्तन नई गति प्राप्त करेगा। बैठक का समापन सहकारी संघवाद, तकनीकी नवाचार, वित्तीय पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाने के साझा संकल्प के साथ हुआ।