अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला, विश्वकर्मा मंदिर और अवकाश का बड़ा ऐलान

Thu 17-Sep-2026,06:00 PM IST +05:30

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अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला, विश्वकर्मा मंदिर और अवकाश का बड़ा ऐलान UPI Charges Controversy
  • अखिलेश यादव ने गोमती रिवरफ्रंट पर भगवान विश्वकर्मा का भव्य मंदिर बनाने का वादा किया।

  • विश्वकर्मा जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की बात कही।

  • एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और UPI लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा।

Uttar Pradesh / Lucknow :

Lucknow / विश्वकर्मा जयंती के मौके पर लखनऊ में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा की महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि सृष्टि के निर्माण और शिल्प से जुड़े कार्यों में भगवान विश्वकर्मा का विशेष स्थान है। अखिलेश यादव ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर लखनऊ के गोमती रिवरफ्रंट पर भगवान विश्वकर्मा का भव्य आधुनिक मंदिर बनाया जाएगा। साथ ही विश्वकर्मा जयंती पर सार्वजनिक अवकाश बहाल करने का भी वादा किया।

विश्वकर्मा मंदिर और सार्वजनिक अवकाश का वादा
अखिलेश यादव ने कहा कि निर्माण कार्यों की शुरुआत में भगवान विश्वकर्मा की पूजा की परंपरा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए गोमती रिवरफ्रंट पर भव्य मंदिर बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर विश्वकर्मा जयंती पर राजकीय अवकाश भी बहाल किया जाएगा।

इस दौरान उन्होंने राम आसरे कुशवाहा के समाजवादी पार्टी में शामिल होने का भी जिक्र किया। अखिलेश ने कहा कि उनके पार्टी में आने से पीडीए की लड़ाई मजबूत होगी। उन्होंने पार्टी में शामिल हुए अन्य नेताओं का भी स्वागत किया।

एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
सपा अध्यक्ष ने बीजेपी सरकार के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए दावा किया कि उद्घाटन के कुछ समय बाद ही इसके क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें सामने आईं और बाद में मरम्मत की जरूरत पड़ी।

अखिलेश यादव ने गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पहली बारिश के दौरान एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में जलभराव और सड़क की स्थिति को लेकर सवाल उठे। उन्होंने कथित तौर पर गड्ढों को छिपाने के लिए भदोही से कालीन मंगाए जाने का भी आरोप लगाया।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को लेकर अखिलेश ने कहा कि वहां लड़ाकू विमानों की लैंडिंग का प्रदर्शन तो किया गया, लेकिन सड़क की गुणवत्ता पर सवाल बने हुए हैं। उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए भी कथित अनियमितताओं और घोटाले के आरोप लगाए। ये आरोप अखिलेश यादव की ओर से लगाए गए हैं।

यूपीआई शुल्क को लेकर भी सरकार पर हमला
अखिलेश यादव ने डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा और अब डिजिटल भुगतान पर शुल्क की व्यवस्था की जा रही है।

हालांकि, मौजूदा नियम के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के कुछ Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। यह शुल्क ग्राहकों के बजाय संबंधित व्यापारियों पर होगा और ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम ₹300 तक सीमित रहेगा। ₹2,000 तक के P2M लेनदेन और Person-to-Person भुगतान इस MDR से बाहर रहेंगे। छोटे P2PM व्यापारियों के लिए भी शून्य MDR का प्रावधान है।

विश्वकर्मा जयंती पर अखिलेश यादव के बयान में मंदिर और सार्वजनिक अवकाश के वादे के साथ बीजेपी सरकार के निर्माण कार्यों, एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और डिजिटल भुगतान शुल्क जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। उनके आरोपों पर सरकार की ओर से अलग-अलग मामलों में जवाब आना बाकी है। वहीं UPI शुल्क को लेकर यह स्पष्ट है कि प्रस्तावित MDR चुनिंदा बड़े व्यापारी लेनदेन पर लागू होगा, आम ग्राहकों के सामान्य छोटे UPI भुगतान पर नहीं।