Delhi Digital Arrest Scam: NRI Couple से 15 Crore की ठगी, TRAI-ED बनकर किया फ्रॉड

Sun 11-Jan-2026,04:02 PM IST +05:30

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Delhi Digital Arrest Scam: NRI Couple से 15 Crore की ठगी, TRAI-ED बनकर किया फ्रॉड Delhi-Digital-Arrest-Scam
  • डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 15 करोड़ की साइबर ठगी.

  • TRAI और ED अधिकारी बनकर दंपती को डराया.

  • दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट कर रही जांच.

Delhi / Delhi :

Delhi / दिल्ली में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग नॉन रेजिडेंट इंडियन (NRI) दंपती को 17 दिनों तक “डिजिटल अरेस्ट” में रखकर करीब 15 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। इस सनसनीखेज मामले ने न सिर्फ राजधानी बल्कि पूरे देश में साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित दंपती ने अब दिल्ली पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है।

TRAI और ED अधिकारी बनकर किया संपर्क
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ठगों ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताकर बुजुर्ग दंपती से संपर्क किया। फोन कॉल पर उन्हें डराया गया कि उनके मोबाइल नंबर से आपत्तिजनक कॉल की गई हैं और उनके बैंक खातों में काला धन पाया गया है। ठगों ने दावा किया कि मनी लॉन्ड्रिंग की जांच चल रही है।

पीड़ित दंपती का परिचय
पीड़ितों की पहचान 77 वर्षीय डॉ. इंदिरा तनेजा और उनके पति डॉ. ओम तनेजा के रूप में हुई है। दोनों करीब 48 साल तक अमेरिका में रहे और संयुक्त राष्ट्र (UN) से जुड़े रहे। रिटायरमेंट के बाद वर्ष 2015 में वे भारत लौट आए और दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-2 इलाके में रह रहे हैं।

वीडियो कॉल पर रखी गई लगातार निगरानी
डॉ. इंदिरा तनेजा ने पुलिस को बताया कि यह सिलसिला 24 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ। ठगों ने उन्हें गिरफ्तारी वारंट, फर्जी आपराधिक मामलों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोपों की धमकी दी। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) जैसे कानूनों का हवाला देकर उन्हें मानसिक रूप से तोड़ा गया।
10 जनवरी की सुबह तक साइबर ठग वीडियो कॉल के जरिए दंपती पर लगातार नजर बनाए रहे।

घर से बाहर निकलने पर भी दबाव
ठगों ने दंपती को मुंबई में पेश होने के लिए कहा। जब डॉ. इंदिरा ने पति के ऑपरेशन का हवाला देकर मुंबई न जा पाने की बात कही, तो ठगों ने उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” कर लिया। महिला के मुताबिक, जब भी वह घर से बाहर जातीं या किसी को फोन करने की कोशिश करतीं, ठग तुरंत उनके पति के फोन पर वीडियो कॉल शुरू कर देते थे, ताकि वे किसी से मदद न मांग सकें।

आठ बैंक खातों में ट्रांसफर कराए पैसे
इस दौरान ठगों ने डॉ. इंदिरा पर दबाव डालकर आठ अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कराए। हर बार रकम अलग-अलग होती थी—कभी 2 करोड़ रुपये, तो कभी 2.10 करोड़ रुपये से अधिक। कुल मिलाकर ठगों ने दंपती से करीब 14.85 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
डॉ. इंदिरा ने बताया कि बैंक जाने से पहले ठग उन्हें यह भी सिखाते थे कि अगर बैंक कर्मचारी सवाल पूछें तो क्या जवाब देना है।

RBI से पैसे लौटाने का झूठा दावा
10 जनवरी को ठगों ने दंपती से कहा कि अब उनके पैसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जरिए वापस किए जाएंगे और पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई है। इसी भरोसे में डॉ. इंदिरा तनेजा वीडियो कॉल पर रहते हुए स्थानीय पुलिस थाने पहुंचीं। ठगों ने पुलिसकर्मियों से भी बात की और कथित तौर पर बदतमीजी से बातचीत की।

पुलिस थाने में खुली ठगी की पोल
पुलिस थाने पहुंचने के बाद ही डॉ. इंदिरा को पूरी ठगी का अहसास हुआ। उन्हें समझ आया कि पैसे वापस करने का दावा पूरी तरह झूठा था। जीवन भर की जमा पूंजी गंवाने के बाद दंपती गहरे सदमे में हैं।

IFSO यूनिट को सौंपी गई जांच
पीड़ितों ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और वकील की मौजूदगी में विस्तृत शिकायत देने के लिए समय मांगा। दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच स्पेशल सेल की साइबर यूनिट इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) को सौंप दी है। IFSO यूनिट ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच जारी है।