सूरजपुर: तीन समितियों से गायब 2 करोड़ से ज्यादा का धान, भौतिक सत्यापन में सामने आई बड़ी गड़बड़ी

Thu 22-Jan-2026,12:41 AM IST +05:30

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सूरजपुर: तीन समितियों से गायब 2 करोड़ से ज्यादा का धान, भौतिक सत्यापन में सामने आई बड़ी गड़बड़ी Surajpur Cooperative Society Fraud
  • तीन सहकारी समितियों से 2.19 करोड़ का धान गायब.

  • भौतिक सत्यापन में गंभीर अनियमितता उजागर.

  • प्रबंधक और ऑपरेटरों को नोटिस, FIR की तैयारी.

Chhattisgarh / Surguja :

Surajpur / सूरजपुर जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से धान खरीदी को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। जिले की तीन सहकारी समितियों से करीब दो करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक मूल्य का धान गायब मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। प्रशासन, खाद्य विभाग और मंडी की संयुक्त टीम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में यह गड़बड़ी उजागर हुई है। जांच के बाद संबंधित समितियों के प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को नोटिस जारी किया गया है।

कलेक्टर के निर्देश पर शुरू हुई जांच
सूरजपुर कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश पर जिले की सहकारी समितियों में धान खरीदी की गहन जांच की जा रही है। पिछले दो दिनों में सलका, चंदौरा और लटोरी समितियों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का बड़ा हिस्सा मौके पर मौजूद नहीं मिला। जब समिति प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों से रिकॉर्ड और स्टॉक का मिलान कराया गया, तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

सलका समिति में 59 लाख से ज्यादा का धान गायब
भैयाथान ब्लॉक की सलका सहकारी समिति की जांच एसडीएम भैयाथान और खाद्य निरीक्षक की संयुक्त टीम ने की। जांच में समिति में दर्ज मात्रा से 4825 बोरी, यानी करीब 1930 क्विंटल धान कम पाया गया। गायब धान की अनुमानित कीमत 59 लाख 83 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है।

चंदौरा समिति में भी भारी कमी
प्रतापपुर ब्लॉक स्थित चंदौरा समिति के सत्यापन में 2045 बोरी धान कम मिला। यहां करीब 818 क्विंटल धान गायब पाया गया, जिसकी कीमत लगभग 25 लाख 35 हजार रुपये आंकी गई है। टीम ने मौके पर उपलब्ध रिकॉर्ड और स्टॉक का मिलान किया, लेकिन गड़बड़ी स्पष्ट रूप से सामने आई।

लटोरी समिति में सबसे बड़ी गड़बड़ी
सूरजपुर ब्लॉक की लटोरी सहकारी समिति में जांच के दौरान सबसे ज्यादा धान की कमी सामने आई। यहां 10,919 बोरी, यानी करीब 4367 क्विंटल धान कम मिला। इसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ 35 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। इस समिति में गड़बड़ी की मात्रा ने अधिकारियों को भी चौंका दिया।

पहले भी पकड़ी जा चुकी है बड़ी गड़बड़ी
यह पहली बार नहीं है जब सूरजपुर जिले में धान खरीदी में अनियमितता सामने आई हो। इससे पहले चार सहकारी समितियों और एक राइस मिल की जांच में 7 करोड़ 38 लाख रुपये का धान गायब पाया गया था। सावारावां, टुकुडांड, शिवप्रसादनगर और सूरजपुर खरीदी केंद्र के साथ-साथ दतिमा स्थित श्याम श्री एग्रो राइस मिल में भी भारी अनियमितता उजागर हुई थी।

कागजों में खरीदी की आशंका, FIR की तैयारी
प्रशासन को आशंका है कि कुछ समितियों में कागजों में ही धान खरीदी दिखाकर बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है। लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के बाद अब समिति प्रबंधकों और गड़बड़ी में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच आगे भी जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।