लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बड़ा झटका: शार्प शूटर व हथियार सप्लायर प्रदीप उर्फ गोलू गिरफ्तार

Sun 18-Jan-2026,04:24 PM IST +05:30

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लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बड़ा झटका: शार्प शूटर व हथियार सप्लायर प्रदीप उर्फ गोलू गिरफ्तार Llawrence Bishnoi Gang
  • लॉरेंस बिश्नोई गैंग का शार्प शूटर गिरफ्तार.

  • दिल्ली-राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई.

  • हथियार सप्लाई नेटवर्क पर सीधा वार.

Delhi / Delhi :

Delhi / देश की राजधानी दिल्ली, एनसीआर और राजस्थान में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गतिविधियों पर कानून एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में दिल्ली क्राइम ब्रांच और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने गैंग को एक बड़ा झटका दिया है। गैंग के लिए शूटर और हथियार सप्लायर की अहम भूमिका निभा रहा प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू आखिरकार पुलिस के जाल में फंस गया। यह गिरफ्तारी सिर्फ एक आरोपी के पकड़े जाने की खबर नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क पर सीधा वार है, जिसके सहारे बिश्नोई गैंग अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता रहा है।

प्रदीप उर्फ गोलू कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग का ‘शार्प शूटर’ माना जाता था। रंगदारी वसूलना, फायरिंग करना और अवैध हथियारों की डिलीवरी जैसे हाई-रिस्क काम उसी को सौंपे जाते थे। लंबे समय से वह कानून एजेंसियों की रडार पर था, लेकिन हर बार खुद को बचाने में कामयाब हो जाता था। उत्तम नगर की गलियों में छिपा गोलू खुद को सुरक्षित समझ रहा था, लेकिन एक पुख्ता इनपुट ने पूरे खेल को पलट दिया।

दिल्ली क्राइम ब्रांच की एंटी गैंगस्टर स्क्वॉड ने राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर वांटेड आरोपी प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया। 23 वर्षीय गोलू उत्तर प्रदेश के आगरा का रहने वाला है और उसे दिल्ली के उत्तम नगर इलाके से दबोचा गया। वह राजस्थान के गंगानगर जिले में दर्ज कई गंभीर मामलों में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि मार्च 2025 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने राजस्थान में एक कारोबारी से 4 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। जब कारोबारी ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो गैंग ने दहशत फैलाने के लिए उसके घर पर फायरिंग की योजना बनाई। इस पूरी वारदात की जिम्मेदारी प्रदीप उर्फ गोलू को दी गई। मई 2025 में गोलू और उसके साथियों ने कारोबारी के घर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसके बाद मामला दर्ज हुआ।

जमानत पर बाहर आने के बावजूद गोलू ने अपराध की दुनिया नहीं छोड़ी। उल्टा, उसने गैंग के लिए अवैध हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई शुरू कर दी। हाल ही में राजस्थान पुलिस द्वारा बरामद किए गए भारी मात्रा में हथियारों के पीछे भी गोलू का ही नाम सामने आया। इससे बिश्नोई गैंग की सप्लाई लाइन का बड़ा खुलासा हुआ और जांच एजेंसियों को अहम सुराग मिले।

16 जनवरी 2026 को दिल्ली क्राइम ब्रांच को पुख्ता सूचना मिली कि गोलू उत्तम नगर इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर एंटी गैंगस्टर स्क्वॉड ने इलाके में दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को आगे की जांच के लिए राजस्थान पुलिस के हवाले कर दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गोलू लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य था और राजस्थान क्षेत्र में गैंग के ऑपरेशन संभाल रहा था। उसकी गिरफ्तारी से न सिर्फ फायरिंग और रंगदारी मामलों की जांच को गति मिलेगी, बल्कि अवैध हथियारों की सप्लाई चेन पर भी गहरा असर पड़ेगा। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।