राम रहीम 40 दिन की पैरोल के बाद सुनारिया जेल लौटे, बार-बार मिल रही राहत पर बढ़ी बहस
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Gurmeet Ram Rahim News
40 दिन की पैरोल के बाद जेल वापसी.
बार-बार मिल रही पैरोल पर उठते सवाल.
चुनावी समय में राहत पर राजनीतिक बहस.
Delhi / डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह 40 दिन की पैरोल पूरी होने के बाद रविवार शाम रोहतक की सुनारिया जेल लौट गए। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच वह करीब पांच बजे जेल परिसर पहुंचे। उन्हें 5 जनवरी 2026 को 40 दिन की पैरोल दी गई थी। 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद यह 15वीं बार है जब उन्हें जेल से बाहर आने की अनुमति मिली। इस बार उन्होंने पूरी पैरोल अवधि सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में बिताई।
राम रहीम दो साध्वियों से दुष्कर्म और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। समय-समय पर उन्हें पैरोल और फर्लो मिलती रही है, जिस पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उनकी हालिया पैरोल 3 जनवरी को मंजूर हुई थी, हालांकि रिहाई की सटीक तारीख को लेकर पहले कुछ भ्रम की स्थिति रही।
पिछले वर्षों में भी उन्हें कई बार राहत दी गई है। वह पहले उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित आश्रम में भी पैरोल अवधि के दौरान रहे हैं। अगस्त में 40 दिन की पैरोल, अप्रैल में 21 दिन की फर्लो और जनवरी में 30 दिन की पैरोल मिल चुकी है। इसके अलावा अलग-अलग चुनावों से पहले भी उन्हें राहत मिलने को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ती रही है। 2024 में हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले 20 दिन की पैरोल और पंजाब चुनाव से पूर्व फर्लो दिए जाने पर भी विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे।
रेप और मर्डर जैसे गंभीर मामलों में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बार-बार राहत मिलने को लेकर कानूनी और सामाजिक स्तर पर आलोचना होती रही है। समर्थकों का कहना है कि उन्हें नियमों के तहत राहत मिलती है, जबकि आलोचक इसे संवेदनशील मामलों में अनुचित बताते हैं।
डेरा सच्चा सौदा का हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत कई राज्यों में बड़ा जनाधार है। खासकर हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल और हिसार जैसे जिलों में संगठन की मजबूत पकड़ मानी जाती है। ऐसे में उनकी हर पैरोल और वापसी राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन जाती है।