मालेगांव में टीपू सुल्तान की तस्वीर पर विवाद: बीजेपी के विरोध के बाद डिप्टी मेयर ने हटाई फोटो

Sun 15-Feb-2026,11:07 PM IST +05:30

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मालेगांव में टीपू सुल्तान की तस्वीर पर विवाद: बीजेपी के विरोध के बाद डिप्टी मेयर ने हटाई फोटो Malegaon Tipu Sultan Controversy
  • टीपू सुल्तान की तस्वीर पर मालेगांव में विवाद.

  • बीजेपी-शिवसेना का विरोध, 24 घंटे का अल्टीमेटम.

  • कांग्रेस ने ध्रुवीकरण की राजनीति का आरोप लगाया.

Maharashtra / Malegaon :

Malegaon / महाराष्ट्र के नासिक जिले के मुस्लिम बहुल शहर मालेगांव में नव-निर्वाचित डिप्टी मेयर के कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। डिप्टी मेयर निहाल अहमद द्वारा अपने कार्यालय में यह तस्वीर लगाए जाने के बाद भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। भाजपा ने 24 घंटे के भीतर तस्वीर हटाने का अल्टीमेटम दिया था। बढ़ते राजनीतिक दबाव और विरोध के बीच आखिरकार निहाल अहमद ने अपने कार्यालय से तस्वीर हटा दी।

टीपू सुल्तान (1751-1799) मैसूर रियासत के शासक थे, जिन्हें ‘शेर-ए-मैसूर’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ चार एंग्लो-मैसूर युद्ध लड़े और उन्हें कई लोग औपनिवेशिक सत्ता के खिलाफ संघर्ष करने वाले योद्धा के रूप में देखते हैं। हालांकि, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हिंदुओं के साथ कथित अत्याचारों के आरोपों के कारण वे एक विवादित ऐतिहासिक व्यक्तित्व भी रहे हैं।

हाल ही में हुए मालेगांव नगर निगम चुनावों में इस्लाम पार्टी की शेख नसीरीन खालिद मेयर चुनी गईं, जबकि निहाल अहमद डिप्टी मेयर बनीं। तस्वीर लगाए जाने के बाद भाजपा और शिवसेना नेताओं ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। शिवसेना के गुट नेता नीलेश आहेर ने इस मुद्दे को नगर प्रशासन के समक्ष उठाया। भाजपा मुंबई अध्यक्ष आशीष शेलार ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें शहरों की पहचान बदलने की कोशिश कर रही हैं। वहीं शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने इसे हिंदू समाज और देश के महान नायकों का अपमान बताया।

विवाद पर सफाई देते हुए डिप्टी मेयर निहाल अहमद ने कहा कि यह तस्वीर उन्हें पार्षदों द्वारा भेंट की गई थी और उन्होंने इसे सम्मान स्वरूप कार्यालय में लगाया था। उन्होंने टीपू सुल्तान को स्वतंत्रता सेनानी बताते हुए कहा कि सरकार ने भी अपने हलफनामे में इसका उल्लेख किया है।

दूसरी ओर, कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने भाजपा पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि टीपू सुल्तान को लेकर जानबूझकर विवाद खड़ा किया जाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि टीपू सुल्तान भगवान राम के नाम वाली अंगूठी पहनते थे, और उन्हें एकतरफा तरीके से प्रस्तुत करना सही नहीं है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर इतिहास, राजनीति और पहचान की बहस को सामने ला दिया है। तस्वीर हटाए जाने के बाद तत्काल विवाद तो शांत हो गया, लेकिन टीपू सुल्तान को लेकर राजनीतिक मतभेद और वैचारिक टकराव जारी है।