भारत मजबूत स्थिति में: 38 देशों से FTA, अमेरिका संग बड़ी डील पर बोले PM मोदी
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India Development
38 देशों के साथ भारत के FTA.
अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ घटाया.
MSME और निर्यात को मिलेगा बड़ा फायदा.
Delhi / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आज भारत वैश्विक मंच पर पहले से कहीं अधिक आत्मविश्वास के साथ खड़ा है और व्यापार समझौतों पर मजबूती से बातचीत कर रहा है। उनके अनुसार, देश का तेजी से बढ़ता मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, विस्तार करता सर्विस सेक्टर और मजबूत एमएसएमई नेटवर्क भारत की नई ताकत बन चुके हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिरता और स्पष्ट नीतियों ने निवेशकों का भरोसा बहाल किया है, जिसका सीधा असर वैश्विक व्यापार वार्ताओं में दिख रहा है।
38 देशों के साथ FTA और MSME को फायदा
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत अब तक कम से कम 38 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) कर चुका है। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई सेक्टर को नए बाजार उपलब्ध कराना है। टेक्सटाइल, लेदर, केमिकल्स, हैंडीक्राफ्ट्स और जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे क्षेत्रों को इन समझौतों से विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इन एफटीए के जरिए भारत न केवल अपने निर्यात को बढ़ा रहा है, बल्कि खुद को वैश्विक सप्लाई चेन से भी अधिक मजबूती से जोड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ इंसेंटिव या टैरिफ में छूट से दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धा संभव नहीं है। टिकाऊ विकास के लिए इनोवेशन, कार्यक्षमता में सुधार और बड़े पैमाने पर उत्पादन पर ध्यान देना जरूरी है। उनके अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में भारत के निर्यात ने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं, जो देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धा क्षमता को दर्शाता है।
UPA सरकार पर निशाना
इस दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने दावा किया कि उस समय भारत आत्मविश्वास के साथ व्यापार समझौते नहीं कर पाता था। उनके मुताबिक, बातचीत लंबी चलती थी, लेकिन ठोस नतीजे सामने नहीं आते थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की निरंतर और पारदर्शी नीतियों ने भारत की वार्ता क्षमता को मजबूत किया है।
अमेरिका के साथ बड़ी व्यापार डील
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत ने अमेरिका और यूरोपीय संघ सहित कई देशों के साथ अहम व्यापार समझौते किए हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद एक बड़ी व्यापार डील की घोषणा हुई। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगाया गया टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही, पिछले वर्ष रूसी तेल खरीद के मुद्दे पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत जुर्माना शुल्क भी हटा लिया गया है।
इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में नया विश्वास पैदा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।
विकसित भारत की ओर अगला कदम
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए निजी क्षेत्र की निर्णायक भूमिका होगी। उन्होंने उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे अनुसंधान, गुणवत्ता सुधार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में निवेश बढ़ाएं। उनके अनुसार, राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक सुधारों की निरंतरता ही भारत को वैश्विक व्यापार में अग्रणी स्थान दिलाएगी।