ग्रामीण विकास मंत्रालय और डाक विभाग का एमओयू, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल

Thu 08-Jan-2026,01:12 AM IST +05:30

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ग्रामीण विकास मंत्रालय और डाक विभाग का एमओयू, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल ग्रामीण-विकास-मंत्रालय-और-डाक-विभाग-का-एमओयू
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय और डाक विभाग के बीच एमओयू, एसएचजी और महिला उद्यमों को वित्तीय व लॉजिस्टिक्स सेवाओं से जोड़ने की पहल।

Delhi / New Delhi :

दिल्ली/ ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन, लॉजिस्टिक्स और उद्यमिता को सशक्त करने की दिशा में एक अहम पहल के तहत 7 जनवरी 2026 को ग्रामीण विकास मंत्रालय और डाक विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। नई दिल्ली में हुए इस समझौते का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों, ग्रामीण उद्यमों और एमएसएमई को एकीकृत वित्तीय एवं बाजार सेवाएं उपलब्ध कराना है।

ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी और सतत आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास मंत्रालय और डाक विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता 7 जनवरी 2026 को केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान, डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी, श्री रामनाथ ठाकुर और श्री भागीरथ चौधरी सहित दोनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह पहल केंद्रीय बजट 2025 की उस परिकल्पना के अनुरूप है, जिसमें इंडिया पोस्ट को ग्रामीण आर्थिक परिवर्तन का एक प्रमुख वाहक बनाने की दिशा तय की गई है।

समझौता ज्ञापन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और बाजार तक पहुंच को मजबूत करना है। इसके तहत दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के व्यापक स्वयं सहायता समूह (SHG) नेटवर्क और इंडिया पोस्ट के 1.5 लाख से अधिक ग्रामीण डाकघरों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) और डाक सेवकों के विशाल नेटवर्क को एकीकृत किया जाएगा।

इस अवसर पर श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार “समग्र सरकारी दृष्टिकोण” के तहत एक साझा राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर कार्य कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन, सम्मान और आत्मनिर्भरता तक उसका विस्तार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्रालयों के समन्वित प्रयासों और सशक्त ग्रामीण समुदायों के माध्यम से भारत धीरे-धीरे विकसित और आत्मनिर्भर भारत के विज़न की ओर बढ़ रहा है।

श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक अंतिम व्यक्ति तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि संबंधित संस्थानों को प्रशिक्षण, इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट, पॉइंट-ऑफ-सेल मशीन और प्रमाणन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे घर-घर जाकर सेवाएं दे सकें। इसके माध्यम से डाकघर बचत योजनाएं, सुकन्या समृद्धि योजना, नकद हस्तांतरण और अन्य वित्तीय सेवाएं सीधे नागरिकों तक पहुंचेंगी।

समझौते के तहत DAY-NRLM, SHG परिवारों के बीच इंडिया पोस्ट की बचत, जमा, बीमा और पेंशन योजनाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। साथ ही SHG महिलाओं को बीसी सखी के रूप में विकसित कर उनके प्रशिक्षण और तैनाती में सहयोग करेगा। वहीं, इंडिया पोस्ट IPPB के माध्यम से ऑनबोर्डिंग, मॉनिटरिंग और बीमा समाधान उपलब्ध कराएगा।

यह साझेदारी महिला-नेतृत्व वाले SHG उद्यमों को इंडिया पोस्ट के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़कर नए बाजार अवसर भी सृजित करेगी। पैकेजिंग, प्रलेखन, निर्यात-तत्परता और डाक निर्यात केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में यह समझौता एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।