जगदलपुर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ट्रायल शुरू
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240 करोड़ लागत से बने अस्पताल में ट्रायल रन शुरू, आयुष्मान और बीपीएल मरीजों को मुफ्त एमआरआई व सीटी स्कैन सुविधा।
कॉन्टिनेंटल ग्रुप द्वारा संचालित सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में विशेषज्ञ विभागों की स्थापना और डॉक्टर नियुक्ति प्रक्रिया जारी।
jagdalpur/ छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सुविधाओं को नई दिशा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जगदलपुर के डिमरापाल क्षेत्र में 240 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने ट्रायल रन के साथ सेवाएं शुरू कर दी हैं। अस्पताल का संचालन हैदराबाद स्थित कॉन्टिनेंटल ग्रुप द्वारा किया जा रहा है। 16 फरवरी से शुरू हुए ट्रायल के दौरान शुरुआती दिनों में मरीजों की अच्छी संख्या दर्ज की गई, जिससे क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा सेवाओं की जरूरत स्पष्ट हुई है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, ट्रायल के पहले तीन दिनों में ओपीडी में 100 से अधिक मरीजों का पंजीयन किया गया। वहीं 52 मरीजों की एमआरआई और सीटी स्कैन जांच की गई। खास बात यह रही कि इनमें से 50 मरीजों को आयुष्मान कार्ड और बीपीएल श्रेणी के तहत निःशुल्क जांच सुविधा दी गई, जबकि केवल दो मरीजों से शुल्क लिया गया। ओपीडी पंजीयन भी फिलहाल पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है, जिससे आम लोगों को राहत मिली है।
हालांकि अस्पताल संचालन को लेकर पहले ही शासन और कॉन्टिनेंटल ग्रुप के बीच एमओयू हो चुका था। समझौते के अनुसार छह माह के भीतर अस्पताल को पूरी तरह संचालित किया जाना था, लेकिन निर्धारित समयसीमा में पूर्ण सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं। प्रबंधन का कहना है कि सभी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है और अधिकांश सुविधाएं सरकारी दरों पर कैशलेस उपलब्ध कराई जाएंगी।
अस्पताल में 240 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी जैसे सुपर स्पेशियलिटी विभागों की स्थापना प्रक्रिया जारी है। आवश्यक पंजीकरण और विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के बाद आईसीयू, इमरजेंसी और डायग्नोस्टिक सेवाएं पूरी क्षमता से शुरू की जाएंगी।
मेकाज के डीन डॉ. प्रदीप बेक और अस्पताल अधीक्षक डॉ. टीकू सिन्हा के अनुसार, समीक्षा बैठक के बाद एक अप्रैल से अस्पताल के नियमित संचालन की संभावना है। हालांकि स्टाफ की पूर्ण जानकारी अब तक साझा नहीं की गई है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर कुछ औपचारिकताएं लंबित हैं। क्षेत्रीय नागरिकों को उम्मीद है कि यह अस्पताल बस्तर में गंभीर रोगों के इलाज के लिए बड़ी राहत साबित होगा।