दिल्ली में 14 मंजिला रोबोटिक मल्टीलेवल कार पार्किंग का उद्घाटन, संजय सेठ बोले- आधुनिक तकनीक से मिलेगी बड़ी राहत
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Robotic Parking New Delhi
नई दिल्ली में 14 मंजिला रोबोटिक मल्टीलेवल कार पार्किंग का उद्घाटन।
45 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक स्वचालित पार्किंग सुविधा।
पारंपरिक पार्किंग की तुलना में 60 प्रतिशत अधिक स्थान दक्षता और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था।
New Delhi / रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बुधवार को नई दिल्ली के अफ्रीका एवेन्यू स्थित रक्षा कार्यालय परिसर में 14 मंजिला अत्याधुनिक बहुमंजिला कार पार्किंग सुविधा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य शहरी बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण कर नागरिकों और सरकारी संस्थानों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और सीमित भूमि उपलब्धता के बीच आधुनिक तकनीक ही भविष्य की जरूरतों का समाधान है।
रक्षा राज्य मंत्री ने इस परियोजना को रक्षा कार्यालय परिसर में लंबे समय से चली आ रही पार्किंग समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि महानगरों में भूमि की कमी के कारण पारंपरिक पार्किंग व्यवस्था अब पर्याप्त नहीं रह गई है। ऐसे में उन्नत और स्वचालित तकनीकों का उपयोग न केवल स्थान का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करता है, बल्कि कार्यकुशलता और सुविधा भी बढ़ाता है।
उन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने के लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीपीडब्ल्यूडी द्वारा विकसित सांसद फ्लैट्स, कर्तव्य भवन और एक्जीक्यूटिव एन्क्लेव जैसे आधुनिक भवन गुणवत्ता, उत्कृष्ट वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं के बेहतरीन उदाहरण हैं।
करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह 14 मंजिला रोबोटिक मल्टीलेवल कार पार्किंग पूरी तरह स्वचालित डॉली (Dolly) तकनीक पर आधारित है। यह प्रणाली उपलब्ध भूमि का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करती है और पारंपरिक पार्किंग की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत अधिक स्थान दक्षता प्रदान करती है।
इस अत्याधुनिक पार्किंग सुविधा में सीसीटीवी निगरानी, आधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली तथा स्वचालित वाहन प्रबंधन प्रणाली स्थापित की गई है। रोबोटिक तकनीक के कारण वाहन को केवल लिफ्ट लॉबी तक लाना होता है, जिसके बाद पूरी पार्किंग प्रक्रिया न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ स्वतः संचालित होती है। इससे संचालन अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और प्रदूषण-मुक्त बनता है। सरकार का मानना है कि इस तरह की स्मार्ट पार्किंग परियोजनाएं भविष्य के शहरी बुनियादी ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगी।