परीक्षा पे चर्चा 2026 में 4 करोड़ से अधिक पंजीकरण

Sat 10-Jan-2026,05:21 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

परीक्षा पे चर्चा 2026 में 4 करोड़ से अधिक पंजीकरण Pariksha-Pe-Charcha-2026-4-Crore-Registrations
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छात्र परीक्षा संबंधी चिंता और मानसिक दबाव कम कर सकते हैं।

  • शिक्षा मंत्रालय की पहल राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन बन चुकी है, छात्रों और अभिभावकों में व्यापक भागीदारी देखी गई।

Delhi / New Delhi :

Delhi/ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज बताया कि प्रधानमंत्री की पहल “परीक्षा पे चर्चा 2026” ने पिछले वर्ष के गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड (3.56 करोड़ पंजीकरण) को पार कर लिया है। आठ जनवरी, 2026 तक चार करोड़ से अधिक ऑनलाइन पंजीकरण हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक वार्षिक संवाद नहीं रहा बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन बन गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा तनाव को कम करना है।

मंत्री ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छात्रों को आत्मविश्वास, एकाग्रता और स्वास्थ्य पर व्याख्यान सुनकर परीक्षा संबंधी चिंता और तनाव कम करने का अवसर मिलेगा।

परीक्षा पे चर्चा के ऑनलाइन पंजीकरण 1 दिसंबर, 2025 से मायगव पोर्टल पर शुरू हुए। यह पहल देश भर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को प्रधानमंत्री से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करती है। इसके माध्यम से परीक्षा संबंधी सकारात्मक दृष्टिकोण, मानसिक सशक्तिकरण और तनावमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाता है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस पहल की बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि यह अब एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन चुका है। पिछले साल रिकॉर्ड तोड़ पंजीकरण और इस वर्ष चार करोड़ से अधिक पंजीकरण इस आंदोलन की सफलता और व्यापक भागीदारी को दिखाते हैं।

परीक्षा पे चर्चा 2026 छात्रों के लिए केवल परीक्षा की तैयारी का मंच नहीं है, बल्कि यह उन्हें स्वस्थ मानसिक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और प्रेरणा प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। मंत्रालय की योजना है कि छात्रों को प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से सीखने, आत्म-प्रबंधन और तनाव नियंत्रण में मदद मिले।

इस वर्ष, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से देशभर के छात्र, शिक्षक और अभिभावक जुड़ सकते हैं। शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा, कल्याण और समग्र विकास पर सार्थक संवाद को बढ़ावा देना है, जो छात्रों और समाज को सीधे लाभ पहुंचाता है।