MP शिक्षक तबादला नीति 2026: अप्रैल तक पूरे होंगे ट्रांसफर

Tue 13-Jan-2026,05:17 PM IST +05:30

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MP शिक्षक तबादला नीति 2026: अप्रैल तक पूरे होंगे ट्रांसफर MP-Teacher-Transfer-Policy-April-Update
  • मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने नए सत्र से पहले अप्रैल तक शिक्षक तबादला प्रक्रिया पूरी करने का फैसला किया, ताकि स्कूलों में शिक्षक कमी न हो।

  • नई नीति में गंभीर बीमार शिक्षकों और पति-पत्नी शिक्षकों को प्राथमिकता, पहले समायोजन फिर ऑनलाइन तबादले होंगे।

Madhya Pradesh / Bhopal :

Bhopal/ मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने आगामी शैक्षणिक सत्र को सुचारु और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से शिक्षकों की तबादला प्रक्रिया को लेकर एक अहम फैसला लिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया अप्रैल माह के अंत तक पूरी कर ली जाएगी, ताकि नए सत्र की शुरुआत के साथ ही सभी विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

पिछले वर्षों के अनुभवों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। बीते सत्र में मई से जुलाई के बीच चली तबादला प्रक्रिया के कारण कई स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई थी। बड़ी संख्या में शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन तो किया, लेकिन शिक्षा पोर्टल पर रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी न होने के कारण अधिकांश आवेदन सफल नहीं हो सके। इससे शिक्षकों में असंतोष के साथ-साथ छात्रों की पढ़ाई पर भी नकारात्मक असर पड़ा।

इस बार शिक्षा विभाग ने रणनीति बदली है। पहले चरण में अतिशेष (सरप्लस) शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा और उसके बाद तबादला प्रक्रिया शुरू होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से होगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी स्तर पर भ्रम या देरी न हो। विभाग का मानना है कि इससे स्कूलों में शिक्षकों की संतुलित तैनाती संभव हो सकेगी।

नई तबादला नीति के तहत कुछ विशेष श्रेणी के शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों को उनके गृह क्षेत्र या नजदीकी जिलों में पदस्थ करने पर जोर रहेगा। इसके अलावा, यदि पति-पत्नी दोनों शिक्षक अलग-अलग जिलों में कार्यरत हैं, तो उन्हें एक स्थान पर पदस्थ करने की सुविधा पहले चरण में दी जाएगी। इससे पारिवारिक और मानसिक तनाव को कम करने में मदद मिलेगी।

एमपी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यदि शिक्षा पोर्टल पर रिक्त पदों की जानकारी समय रहते अपडेट कर दी जाए, तो तबादला प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो सकती है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में वर्तमान में लगभग चार लाख सरकारी शिक्षक कार्यरत हैं और सही योजना से ही शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

अक्सर अगस्त या सितंबर में होने वाले तबादलों से शैक्षणिक कैलेंडर प्रभावित होता है। अप्रैल में प्रक्रिया पूरी होने से शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान नए स्कूल में कार्यभार ग्रहण करने और स्थानीय व्यवस्थाओं को समझने का पर्याप्त समय मिलेगा। इससे नए सत्र में पढ़ाई बिना किसी बाधा के शुरू हो सकेगी और छात्रों को पूरा शैक्षणिक लाभ मिलेगा।