हिंदी विश्वविद्यालय स्थापना दिवस 2026: भव्य फूड फेस्टिवल में भारत के व्यंजनों का आनंद
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हिंदी विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर भव्य फूड फेस्टिवल आयोजित.
छात्रों ने देशभर के पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए.
कार्यक्रम ने सांस्कृतिक एकता और रचनात्मकता को बढ़ावा दिया.
Wardha / महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय ने अपने 29वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक भव्य फूड फेस्टिवल का आयोजन किया, जिसने न केवल विश्वविद्यालय के छात्रों बल्कि वर्धा के नागरिकों के लिए भी आनंद और उत्साह का माहौल बनाया। यह चार दिवसीय समारोह शनिवार, 10 जनवरी को मेजर ध्यानचंद क्रीड़ा स्थल पर आयोजित किया गया। फूड फेस्टिवल अपराह्न 5:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक चला और इसमें विभिन्न राज्यों के पारंपरिक एवं आधुनिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन हुआ।
फेस्टिवल का उद्घाटन कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा और प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर कुलसचिव क़ादर नवाज़ ख़ान, परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र गादेवार सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान कुलपति ने विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों को उत्साहपूर्वक स्वागत किया और कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला।
इस फूड फेस्टिवल में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, ओडिशा, दिल्ली और महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के छात्र-छात्राओं ने अपने स्टॉल लगाए। प्रत्येक स्टॉल पर उस राज्य के प्रचलित और पारंपरिक व्यंजन प्रस्तुत किए गए। आगंतुकों ने बिहार की लीटी-चोखा, उत्तर प्रदेश की पुरनपोली, हरियाणा और राजस्थान की विभिन्न पकवानों का आनंद लिया। इसके साथ ही आधुनिक व्यंजन जैसे पिज्जा, बर्गर, मोमोज और आइसक्रीम ने भी युवाओं और बच्चों का ध्यान आकर्षित किया। छात्रों ने अपने व्यंजनों में स्वाद, रंग और प्रस्तुति का बेहतरीन मिश्रण पेश किया, जिससे हर आगंतुक का अनुभव और भी यादगार बन गया।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने व्यक्तिगत रूप से छात्रों के स्टॉलों का दौरा किया और उनके बनाए व्यंजनों का स्वाद लिया। उन्होंने विद्यार्थियों की मेहनत, रचनात्मकता और सांस्कृतिक योगदान की सराहना की। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में ऐसे सांस्कृतिक और सहभागितापूर्ण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्रों में रचनात्मकता और एकता की भावना बनी रहे।
फूड फेस्टिवल के दौरान कार्यक्रम का संचालन आशीष रंजन चौधरी ने किया। आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया। परिसर में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती ने समस्त कार्यक्रम को सुरक्षित और सुचारू बनाया। इसके अलावा, संगीत, नृत्य और बच्चों के लिए कार्टून पात्रों की व्यवस्था ने पूरे माहौल को और भी जीवंत और मनोरंजक बना दिया।
यह फूड फेस्टिवल न केवल हिंदी विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए सांस्कृतिक एकता और रचनात्मकता का अनुभव साबित हुआ, बल्कि वर्धा वासियों के लिए भी यह एक आकर्षक और आनंदमय कार्यक्रम रहा। आयोजन में शामिल लोगों ने इस अवसर को भारतीय खाद्य संस्कृति और विभिन्न राज्यों की विविधता को नजदीक से जानने का एक अनूठा मौका बताया। कुल मिलाकर, विश्वविद्यालय ने इस स्थापना दिवस के अवसर पर शिक्षा, संस्कृति और सामूहिक आनंद को एक साथ जोड़ते हुए एक यादगार आयोजन पेश किया, जिसने सभी उपस्थित लोगों के दिलों में उत्सव और आनंद की अनुभूति छोड़ दी।
इस फूड फेस्टिवल ने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदी विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से छात्रों और समाज को जोड़ने का भी एक महत्वपूर्ण मंच है।