श्रीनगर में दिशा टेली-लॉ कार्यशाला
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Disha-Tele-Law-Workshop-Srinagar-2026
श्रीनगर में दिशा टेली-लॉ कार्यशाला के जरिए डिजिटल कानूनी सेवाओं और न्याय तक समग्र पहुंच को मजबूत करने पर जोर।
अर्जुन राम मेघवाल, उमर अब्दुल्ला और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की उपस्थिति में कानूनी साक्षरता पर विमर्श।
Srinagar/ न्याय तक समग्र और सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 17 फरवरी 2026 को श्रीनगर में क्षेत्रीय कार्यक्रम सह कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम न्याय विभाग की दिशा (DISHA) योजना के अंतर्गत टेली-लॉ पहल का हिस्सा है। जम्मू-कश्मीर के शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित यह कार्यशाला न्यायिक सेवाओं के डिजिटलीकरण और कानूनी साक्षरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कार्यक्रम का आयोजन Sher-e-Kashmir International Conference Centre (एसकेआईसीसी), श्रीनगर में दोपहर 12 बजे से होगा। यह पहल भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा संचालित दिशा योजना के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी-सक्षम कानूनी सेवाओं के माध्यम से न्याय तक पहुंच को मजबूत करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन से होगा, जो इसके 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष प्रस्तुति होगी। यह आयोजन देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सम्मानित करने के साथ न्यायिक जागरूकता को भी जोड़ता है।
कार्यशाला में दिशा योजना के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। “दिशा योजना के आयाम: सुगम एवं सुलभ न्याय तक पहुंच” शीर्षक सत्र में डिजिटल अभियानों, सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी की पहलों को प्रस्तुत किया जाएगा। खासतौर पर हाशिए पर पड़े और कमजोर वर्गों तक तकनीक आधारित प्लेटफार्मों के जरिए कानूनी सहायता पहुंचाने पर जोर रहेगा।
“जम्मू-कश्मीर में दिशा: एक झलक” सत्र में केंद्र शासित प्रदेश में योजना की प्रगति और प्रभाव का विवरण साझा किया जाएगा। कार्यक्रम में कानूनी साक्षरता को बढ़ावा देने और न्याय वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने में योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही दिशा का वार्षिक ई-कैलेंडर भी जारी किया जाएगा, जो वर्षभर की प्रमुख गतिविधियों का रोडमैप प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तथा जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली उपस्थित रहेंगे।
करीब 800 प्रतिभागी कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे, जिनमें न्यायाधीश, अधिवक्ता, विधि छात्र, प्रशासनिक अधिकारी और सामान्य सेवा केंद्रों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कई प्रतिभागी वर्चुअल माध्यम से भी जुड़ेंगे। यह क्षेत्रीय कार्यशाला न्याय तक पहुंच को व्यापक और प्रभावी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार के सतत प्रयासों का हिस्सा है और जम्मू-कश्मीर में न्यायिक सेवाओं के सशक्तीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।