राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रशिक्षु अधिकारियों को सेवा
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रक्षा वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन सेवा अधिकारियों से हथियारों की गुणवत्ता और तकनीकी उन्नति में नवीन दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रशिक्षु अधिकारियों को राष्ट्र सेवा, जिम्मेदारी और नेतृत्व में प्रेरणा देने के लिए विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया।
New Delhi/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा, रक्षा वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन सेवा और भारतीय व्यापार सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्र सेवा के महत्व, जिम्मेदारी और नेतृत्व की सीख दी। राष्ट्रपति ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यकाल के दौरान निष्पक्षता, संविधान और सेवा मूल्यों का पालन करते हुए देश के विकास और प्रत्येक नागरिक की भलाई में योगदान दें।
भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा के अधिकारियों को विशेष रूप से संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वे जनता के विश्वास और वित्तीय विवेक के संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकारी संस्थाओं और लेखा परीक्षा संस्थाओं के बीच तालमेल सार्वजनिक व्यय की प्रभावकारिता और वांछित परिणामों की प्राप्ति में मदद करता है। राष्ट्रपति ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे हमेशा संविधान, सेवा की परंपराओं और मूल्यों को बनाए रखें और जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें।
भारतीय व्यापार सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वे निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन और व्यवसायिक माहौल को सुधारने में योगदान देंगे। उन्होंने सलाह दी कि नीति निर्माण में राष्ट्रीय हित हमेशा मार्गदर्शक होना चाहिए और हर निर्णय भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत और सम्मानित व्यापारिक भागीदार के रूप में प्रस्तुत करे।
रक्षा वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन सेवा के अधिकारियों को राष्ट्रपति ने याद दिलाया कि उनका कर्तव्य देश के रक्षा बलों के लिए तकनीकी रूप से उन्नत और विश्व स्तरीय हथियारों तथा गोला-बारूद की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे बहु-डोमेन एकीकृत संचालन में सक्षम युद्ध-तैयार बल के निर्माण के लिए नवीन दृष्टिकोण अपनाएं और विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में योगदान दें। राष्ट्रपति ने सभी अधिकारियों से निष्पक्षता, उत्तरदायित्व और उत्कृष्टता के मानकों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का समर्पण और जुनून देश को वैश्विक मंच पर मजबूत, सक्षम और सम्मानित बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।