नौसेना शौर्य वाटिका उद्घाटन: लखनऊ में आईएनएस गोमती संग्रहालय का शुभारंभ, राजनाथ सिंह-योगी आदित्य
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Navy Shaurya Vatika
लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का भव्य उद्घाटन.
आईएनएस गोमती और नौसेना इतिहास का प्रदर्शन.
युवाओं को देशभक्ति और सैन्य गौरव से जोड़ने का प्रयास.
Lucknow / लखनऊ में आयोजित ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का उद्घाटन भारतीय रक्षा इतिहास में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक क्षण के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से इस भव्य परियोजना का शुभारंभ किया। यह पार्क केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि भारतीय नौसेना की वीरता, बलिदान और गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रतीक है।
करीब दो एकड़ क्षेत्र में फैली इस वाटिका को 19 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। इसमें सेवानिवृत्त युद्धपोत आईएनएस गोमती से जुड़ी कई महत्वपूर्ण कलाकृतियाँ, हथियार प्रणालियाँ और तकनीकी उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों को यह समझाने का प्रयास करता है कि देश की समुद्री सुरक्षा कितनी चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण है।
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह पार्क केवल संरचना नहीं, बल्कि उन वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे स्थान युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करते हैं और उन्हें देशभक्ति की दिशा में प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर उन्होंने भारतीय नौसेना की बढ़ती ताकत और समुद्री सुरक्षा में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने बताया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में समुद्री मार्गों की सुरक्षा किसी भी देश की आर्थिक और सामरिक मजबूती के लिए बेहद जरूरी है। भारतीय नौसेना ने हाल के वर्षों में कई अभियानों में अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है ।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश के सैनिकों के कारण ही नागरिक सुरक्षित जीवन जी पाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी राष्ट्र का विकास तभी संभव है जब उसकी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो। यह विचार इस बात को दर्शाता है कि सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं।
इस संग्रहालय में टीयू-142एम विमान, मिसाइल सिस्टम, रडार और नौसैनिक उपकरणों का वॉकथ्रू प्रदर्शन भी शामिल है, जो आगंतुकों को नौसेना की तकनीकी शक्ति से परिचित कराता है। इसके साथ ही यहां पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे यह स्थान शिक्षा और पर्यटन दोनों का केंद्र बन गया है।
आईएनएस गोमती का इतिहास भी इस पार्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 1988 में सेवा में शामिल यह युद्धपोत कई महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा रहा और राष्ट्रीय सुरक्षा में इसकी भूमिका उल्लेखनीय रही है। इसे कई बार सम्मानित भी किया गया है।
कुल मिलाकर, नौसेना शौर्य वाटिका भारत की समुद्री शक्ति, सैन्य गौरव और राष्ट्रभक्ति का एक प्रेरणादायक प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।