सीबीएसई पेमेंट गेटवे सुधार 2026: SBI, BoB, Canara और Indian Bank मिलकर सिस्टम को करेंगे मजबूत

Sun 24-May-2026,11:27 PM IST +05:30

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सीबीएसई पेमेंट गेटवे सुधार 2026: SBI, BoB, Canara और Indian Bank मिलकर सिस्टम को करेंगे मजबूत CBSE Payment Update
  • सीबीएसई पेमेंट गेटवे सुधार के लिए चार बड़े बैंक शामिल. 

  • तकनीकी और भुगतान समस्याओं का होगा स्थायी समाधान. 

  • छात्रों को मिलेगा तेज और सुरक्षित डिजिटल अनुभव. 

Delhi / Delhi :

Delhi / केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन के साथ सीबीएसई के परीक्षा परिणाम और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को हो रही तकनीकी और भुगतान संबंधी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। यह बातचीत छात्रों के अनुभव को बेहतर बनाने और पूरी प्रक्रिया को अधिक सुचारु एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि चार प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक—स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और इंडियन बैंक—सीबीएसई के भुगतान गेटवे सिस्टम को मजबूत करने में सहयोग करेंगे। इन बैंकों की सहायता से परीक्षा के बाद की सेवाओं के पोर्टल को और अधिक सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय बनाया जाएगा।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को पुनर्मूल्यांकन या अन्य सेवाओं के लिए भुगतान करते समय किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। साथ ही यदि किसी कारणवश अतिरिक्त भुगतान हो जाता है, तो उसे स्वतः और तेजी से वापस करने की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस कदम से सीबीएसई की डिजिटल प्रणाली में बड़ा सुधार होगा और छात्रों को बेहतर अनुभव मिलेगा। पहले कई छात्रों ने पेमेंट फेलियर, ट्रांजैक्शन अटकने और रिफंड में देरी जैसी समस्याओं की शिकायत की थी, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई थी। अब बैंकिंग प्रणाली के सीधे सहयोग से इन समस्याओं को काफी हद तक हल करने की उम्मीद है।

धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई को यह भी निर्देश दिया है कि वह अपने भुगतान गेटवे ढांचे में व्यापक सुधार करे ताकि भविष्य में इस तरह की दिक्कतें दोबारा न आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

वित्त मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के इस संयुक्त प्रयास से अब उम्मीद की जा रही है कि सीबीएसई की पुनर्मूल्यांकन और अन्य ऑनलाइन सेवाएं अधिक स्थिर, तेज और भरोसेमंद बनेंगी। इससे लाखों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा और पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से अधिक मजबूत होगी।