गुलमर्ग रोपवे हादसा 2026: 300 पर्यटक फंसे, सेना और SDRF का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
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Gulmarg Ropeway Accident
गुलमर्ग रोपवे में तकनीकी खराबी से 300 पर्यटक फंसे.
सेना और SDRF की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.
सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकालने का प्रयास जारी.
Jammu / जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध गुलमर्ग रोपवे (गुलमर्ग गोंडोला) में सोमवार को अचानक आई तकनीकी खराबी ने बड़ी अफरा-तफरी मचा दी। रोपवे की सभी केबिन हवा में ही रुक गईं, जिससे करीब 300 पर्यटक बीच आसमान में फंस गए। इस अचानक हुई घटना से वहां मौजूद लोगों में डर और घबराहट का माहौल बन गया। कई पर्यटक, खासकर बच्चे और बुजुर्ग, मदद के लिए चिल्लाते नजर आए।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और श्रीनगर से विशेष रेस्क्यू टीमें रवाना की गईं। इसके साथ ही भारतीय सेना, पुलिस और SDRF की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू कर दिया। लगातार समन्वय के साथ सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्थिति पर नजर रखते हुए कहा कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित टीमें पूरी तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई हैं। वहीं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी पूरे मामले पर निगरानी रखते हुए अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
गुलमर्ग रोपवे दुनिया के सबसे ऊंचे और लंबे केबल कार सिस्टम में से एक माना जाता है, जो पर्यटकों को बर्फीली चोटियों के शानदार दृश्य दिखाता है। यह दो चरणों में गुलमर्ग बेस से कोंगदोरी और फिर अफरवत चोटी तक जाता है। हर साल हजारों पर्यटक यहां प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने आते हैं।
हालांकि इस घटना के बाद रोपवे की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि इतनी बड़ी तकनीकी खामी आखिर कैसे हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।