सीबीएसई री-इवैल्युएशन पोर्टल सुधार 2026: IIT मद्रास टीम करेगी तकनीकी समस्याओं का समाधान
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
CBSE Portal Issue
IIT मद्रास टीम करेगी CBSE पोर्टल की तकनीकी जांच.
लॉगिन, सर्वर और पेमेंट गेटवे समस्याओं का समाधान होगा.
छात्रों के लिए पारदर्शी और सुचारू सिस्टम पर जोर.
Delhi / हाल के समय में सीबीएसई के परीक्षोत्तर सेवा पोर्टल में सामने आई तकनीकी समस्याओं और छात्रों-अभिभावकों की लगातार बढ़ती शिकायतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों की एक टीम को सीबीएसई की सहायता के लिए तैनात करने का निर्देश दिया है, ताकि पूरी पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक सुचारु, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया जा सके।
यह निर्णय उस समय लिया गया जब देशभर से छात्रों ने पोर्टल पर लॉगिन, भुगतान और री-इवैल्युएशन प्रक्रिया में आ रही तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें दर्ज कराईं। कई मामलों में सर्वर धीमा होने, पेमेंट फेल होने और आवेदन प्रक्रिया के बीच में अटक जाने जैसी समस्याएं सामने आई थीं, जिससे छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आईआईटी मद्रास की विशेषज्ञ टीम को अब इस पूरे सिस्टम का तकनीकी ऑडिट करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह टीम पोर्टल की स्थिरता, सर्वर प्रदर्शन और संपूर्ण आईटी ढांचे का विस्तृत मूल्यांकन करेगी। इसके साथ ही लॉगिन सिस्टम, यूजर एक्सेस मैनेजमेंट और भुगतान गेटवे की कार्यप्रणाली को भी बेहतर बनाने के लिए तकनीकी सुधार सुझाएगी और उन्हें लागू करने में सहायता करेगी।
सरकार का मानना है कि तकनीकी विशेषज्ञों की इस भागीदारी से सीबीएसई की डिजिटल सेवाएं अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनेंगी। विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्रों को किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा का सामना न करना पड़े और उनकी प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया है कि छात्रों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बेहद जरूरी है और इसके लिए हर संभव सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
इस पहल से उम्मीद है कि आने वाले समय में सीबीएसई का परीक्षोत्तर सेवा पोर्टल अधिक स्थिर, सुरक्षित और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनेगा, जिससे लाखों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी शिकायतों में उल्लेखनीय कमी आएगी।