खेत बचाओ अभियान: शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए शुरू किया राष्ट्रीय कृषि जागरूकता मिशन

Sat 30-May-2026,02:57 PM IST +05:30

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खेत बचाओ अभियान: शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए शुरू किया राष्ट्रीय कृषि जागरूकता मिशन Khet Bachao Abhiyan
  • खेत बचाओ अभियान से किसानों को वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित किया जाएगा. 

  • संतुलित उर्वरक उपयोग और मिट्टी संरक्षण पर विशेष फोकस. 

  • पंचायत स्तर तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने की पहल. 

Delhi / Delhi :

Delhi / केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू किए जा रहे “खेत बचाओ अभियान” को केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांव, किसान और खेत को जोड़ने वाला एक बड़ा राष्ट्रीय आंदोलन बनाने की दिशा में गंभीर पहल के रूप में देखा जा रहा है। नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को जागरूक करना और कृषि व्यवस्था को अधिक संतुलित, वैज्ञानिक और टिकाऊ बनाना है।

इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण फोकस रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग को कम करना और किसानों को मृदा परीक्षण आधारित खेती के लिए प्रेरित करना है। इसके साथ ही जैविक खाद, हरी खाद और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि मिट्टी की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे और खेती की लागत कम हो सके।

श्री चौहान ने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को समय पर सही सलाह देना बेहद जरूरी है। इसलिए इस अभियान के तहत किसानों को यह बताया जाएगा कि कौन-सी फसल उनके लिए उपयुक्त है, किस समय बुवाई करनी चाहिए और किस प्रकार जोखिम कम किया जा सकता है। यह पूरी प्रक्रिया खेत स्तर पर वास्तविक स्थिति को समझकर तय की जाएगी, न कि केवल कागजी सलाह के आधार पर।

इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पंचायत स्तर को सबसे महत्वपूर्ण इकाई के रूप में जोड़ा जा रहा है। पंचायतों के माध्यम से किसानों तक योजनाओं का लाभ, कृषि मशीनरी, बीज, और अन्य सुविधाएं सीधे पहुंचाई जाएंगी। इससे ग्रामीण स्तर पर कृषि सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।

सरकार का लक्ष्य है कि यह अभियान केवल कृषि विभाग तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें जनप्रतिनिधियों, वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन की भी सक्रिय भागीदारी हो। इस साझेदारी मॉडल से अभियान को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाया जाएगा।

बैठक में यह भी बताया गया कि कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), ICAR संस्थान और अन्य कृषि अनुसंधान इकाइयों को इस अभियान की रीढ़ की भूमिका दी गई है। देशभर में बनाई गई हजारों टीमों के माध्यम से किसानों तक सीधे पहुंच बनाई जाएगी और उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

इसके अलावा अभियान में किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम-किसान योजना के लाभार्थियों का समावेश, दलहन-तिलहन मिशन, जल संरक्षण और फसल विविधीकरण जैसे विषयों को भी जोड़ा गया है, ताकि किसानों की आय में सुधार हो और खेती अधिक लाभकारी बन सके।

कुल मिलाकर “खेत बचाओ अभियान” का उद्देश्य कृषि को केवल उत्पादन का साधन न मानकर उसे एक संतुलित, आधुनिक और टिकाऊ प्रणाली के रूप में विकसित करना है, जिसमें मिट्टी की सेहत, किसान की आय और ग्रामीण विकास तीनों को समान महत्व दिया जाए।