राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सिक्किम विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह 2026: शिक्षा, पर्यावरण और विकसित भारत 2047 पर संदेश

Wed 27-May-2026,11:35 PM IST +05:30

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सिक्किम विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह 2026: शिक्षा, पर्यावरण और विकसित भारत 2047 पर संदेश Sikkim University News
  • सिक्किम विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह 2026 में राष्ट्रपति का संबोधन. 

  • सिक्किम की जैविक और साक्षरता उपलब्धियों की सराहना. 

  • महिलाओं के लिए पिंक बस सेवा और पर्यावरण पहल का शुभारंभ. 

Sikkim / Gangtok :

Gangtok / भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (27 मई 2026) सिक्किम की राजधानी गंगटोक में सिक्किम विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में भाग लिया। यह अवसर राज्य और देश के लिए गर्व का क्षण रहा, जहां शिक्षा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर विस्तृत संदेश दिया गया।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि कंचनजंगा पर्वत न केवल एक प्राकृतिक धरोहर है, बल्कि स्थानीय लोगों की आस्था और पहचान का प्रतीक भी है। सिक्किम के लोगों द्वारा प्रकृति संरक्षण के प्रति दिखाई गई जिम्मेदारी पूरे देश के लिए प्रेरणा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक साथ आगे बढ़ सकते हैं, जैसा कि सिक्किम ने साबित किया है।

राष्ट्रपति ने यह भी उल्लेख किया कि सिक्किम भारत का पहला पूर्णतः जैविक राज्य है और यह उपलब्धि पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल है। प्लास्टिक उपयोग पर नियंत्रण, जैविक खेती को बढ़ावा और स्वच्छता के प्रयासों ने इसे एक उदाहरण राज्य बना दिया है। इसके साथ ही उन्होंने सिक्किम के पूर्ण साक्षर राज्य बनने पर सरकार और जनता को बधाई दी।

उन्होंने पूर्वोत्तर भारत के विकास को राष्ट्रीय प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक बताया और कहा कि इस क्षेत्र के युवाओं में अपार क्षमता है। राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे एक-दूसरे से सीखें, सहयोग के साथ आगे बढ़ें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

राष्ट्रपति ने सिक्किम विश्वविद्यालय की भी सराहना की, जिसने आधुनिक शिक्षा को स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जोड़ा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का साधन नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता और समाज सेवा का माध्यम भी है।

इससे पहले, राष्ट्रपति ने गंगटोक में ‘आमा दिदी बहिनी बस सेवा’ (महिलाओं के लिए पिंक बस सेवा) और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए संसाधन पुनर्प्राप्ति वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, यह दौरा शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक विकास के संदेश को मजबूत करने वाला रहा, जो ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।