भारत-स्वीडन साझेदारी पर पीएम मोदी का लेख: हरित परिवर्तन और नवाचार पर जोर
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India Sweden Relations
भारत-स्वीडन साझेदारी पर संयुक्त लेख.
हरित परिवर्तन और नवाचार पर जोर.
मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं का विकास.
Delhi / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बताया कि उन्होंने स्वीडन के प्रधानमंत्री श्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ मिलकर एक संयुक्त लेख तैयार किया है, जिसमें भारत और स्वीडन के बीच बढ़ते सहयोग और नए युग की साझेदारी को विस्तार से रेखांकित किया गया है। यह लेख दोनों देशों के बीच बदलते वैश्विक परिदृश्य में सहयोग, नवाचार और सतत विकास की दिशा में साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-स्वीडन संबंध अब केवल पारंपरिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह एक आधुनिक, नवाचार आधारित और भविष्य उन्मुख साझेदारी में बदल चुके हैं। उन्होंने बताया कि हरित परिवर्तन (ग्रीन ट्रांज़िशन), स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी विकास और मजबूत सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के लिए दीर्घकालिक स्थिरता और साझा समृद्धि सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के इस दौर में भारत और स्वीडन मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक मजबूती और तकनीकी प्रगति को संतुलित रूप से आगे बढ़ाएं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी इस संयुक्त लेख का उल्लेख किया और कहा कि यह लेख दोनों देशों के रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत को दर्शाता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि यह साझेदारी नवाचार, स्थिरता और लोगों के जीवन में सुधार के साझा लक्ष्य पर आधारित है।
इस लेख में यह स्पष्ट किया गया है कि भारत और स्वीडन की साझेदारी केवल सरकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उद्योग, अनुसंधान, स्टार्टअप और जनसंपर्क तक फैली हुई है, जो आने वाले समय में और मजबूत होगी।