ऑपरेशन सिंदूर स्मारक पुस्तक: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया विमोचन, सैनिकों की वीरगाथा का संकलन

Fri 29-May-2026,11:58 PM IST +05:30

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ऑपरेशन सिंदूर स्मारक पुस्तक: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया विमोचन, सैनिकों की वीरगाथा का संकलन Operation Sindoor
  • ऑपरेशन सिंदूर पर स्मारक पुस्तक का रक्षा मंत्री द्वारा विमोचन. 

  • तीनों सेनाओं के 100 सैनिकों के अनुभव शामिल. 

  • सैनिकों के साहस और बलिदान को सम्मान देने का प्रयास. 

Delhi / Delhi :

Delhi / रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा 29 मई 2026 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर जारी स्मारक पुस्तक भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, समर्पण और बलिदान का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जा रही है। इस पुस्तक का उद्देश्य केवल सैन्य उपलब्धियों को दर्ज करना नहीं है, बल्कि उन वास्तविक अनुभवों को सामने लाना है जो युद्ध के मैदान में तैनात हर सैनिक ने जिए हैं। यह प्रकाशन आधुनिक युद्ध की उस मानवीय परत को उजागर करता है, जो अक्सर आधिकारिक रिपोर्टों और रणनीतिक विश्लेषणों में छिप जाती है।

इस पुस्तक में ऑपरेशन सिंदूर में शामिल लगभग 100 अधिकारियों, नौसैनिकों, वायुसैनिकों और अन्य सैनिकों के व्यक्तिगत अनुभवों को शामिल किया गया है। ये अनुभव बताते हैं कि कैसे सीमा पर तैनात जवानों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। चाहे वह नियंत्रण रेखा पर दुश्मन के बंकरों को निशाना बनाना हो, या आसमान में उड़ते ड्रोन को निष्क्रिय करना, हर अनुभव अपने आप में साहस की एक अलग कहानी है।

रक्षा मंत्री ने इस पुस्तक को सैनिकों के प्रति एक श्रद्धांजलि बताया और कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनता को इस पुस्तक के माध्यम से यह समझना चाहिए कि देश की सुरक्षा केवल रणनीति नहीं, बल्कि बलिदान और समर्पण पर आधारित होती है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को एक ऐतिहासिक सफलता बताया, जिसमें भारत ने चार दिनों के भीतर पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए मजबूर किया।

यह पुस्तक पारंपरिक सैन्य लेखन से अलग है, क्योंकि इसमें केवल उच्च अधिकारियों के निर्णय नहीं, बल्कि जमीन पर तैनात सैनिकों की वास्तविक आवाज शामिल है। इसमें लड़ाकू विमान चालकों, नौसेना कर्मियों, मिसाइल दलों, विशेष बलों, सिग्नलर, चिकित्सा कर्मियों और लॉजिस्टिक्स टीमों के अनुभवों को भी जगह दी गई है। यह दिखाता है कि कोई भी सैन्य अभियान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरी टीम का सामूहिक प्रयास होता है।

नई दिल्ली में आयोजित विमोचन समारोह में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह मौजूद रहे। यह उपस्थिति इस बात का संकेत है कि यह पुस्तक तीनों सेनाओं के संयुक्त प्रयासों का प्रतीक है।

इस स्मारक प्रकाशन को तैयार करने में मीडिया एवं जन सूचना इकाइयों, सामरिक संचार निदेशालय और यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया का भी योगदान रहा है। कुल मिलाकर यह पुस्तक न केवल एक सैन्य दस्तावेज है, बल्कि उन अनकही कहानियों का संग्रह है जो भारत की सुरक्षा के पीछे खड़े अदृश्य नायकों को सम्मान देती है।