कड़ाके की ठंड में सतर्कता जरूरी : सुबह-शाम मास्क, बुजुर्ग और बच्चों के लिए विशेष सावधानी

Mon 12-Jan-2026,11:26 PM IST +05:30

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कड़ाके की ठंड में सतर्कता जरूरी : सुबह-शाम मास्क, बुजुर्ग और बच्चों के लिए विशेष सावधानी Lakhimpur-Weather-Alert
  • बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष सावधानी जरूरी.

  • सुबह-शाम मास्क और गर्म कपड़े पहनें.

  • पोषण, गर्म पेय और सुरक्षित दिनचर्या अपनाएं.

Maharashtra / Nagpur :

Lakhimpur / लगातार गिरते तापमान और शीतलहर के चलते स्वास्थ्य संबंधी जोखिम तेजी से बढ़ रहे हैं। अत्यधिक ठंड के कारण हाइपोथर्मिया का खतरा बना हुआ है, जिससे हृदय से जुड़ी गंभीर समस्याएं, उच्च रक्तचाप, लकवा और ब्रेन हेमरेज जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सुबह बहुत जल्दी और देर शाम घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो मास्क का प्रयोग जरूर करें, ताकि ठंडी और प्रदूषित हवा से फेफड़ों की सुरक्षा हो सके। ठंड के मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

इस मौसम में दिनचर्या और पहनावे पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। दोपहर के समय या धूप निकलने पर ही सैर करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है। अत्यधिक ठंड में इनडोर एक्सरसाइज या घर के भीतर टहलना भी लाभकारी विकल्प हो सकता है। घर के दरवाजे और खिड़कियां ठीक से बंद रखें, ताकि ठंडी हवा अंदर न आ सके। गर्म और ढीले कपड़े पहनें, क्योंकि तंग कपड़े रक्त संचार को प्रभावित कर सकते हैं। सिर, गर्दन, हाथ और पैरों को अच्छी तरह ढककर रखें, गीले कपड़े तुरंत बदलें और हाथों में दस्ताने तथा सिर पर टोपी या मफलर का प्रयोग करें। ठंडी हवा से बचाव के लिए मास्क का उपयोग न केवल सर्दी से बचाता है, बल्कि सांस संबंधी संक्रमण के खतरे को भी कम करता है।

खानपान की भूमिका भी इस मौसम में बेहद अहम होती है। शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए गुनगुना पानी, सूप और अन्य गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीने चाहिए। पौष्टिक और ठोस आहार के साथ-साथ विटामिन सी से भरपूर फल, सब्जियां और ज्यूसी फल रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। बाजार के खुले और अस्वच्छ खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इस मौसम में संक्रमण तेजी से फैलता है। शराब का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह शरीर की गर्मी को कम कर देती है और हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ा देती है। जरूरत पड़ने पर ही रूम हीटर का प्रयोग करें और उसके साथ पर्याप्त हवा निकासी का ध्यान रखें, क्योंकि बंद कमरों में कोयला या अंगीठी जलाना खतरनाक हो सकता है। अकेले रहने वाले बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों का हालचाल लेते रहना सामाजिक जिम्मेदारी भी है। ठंड के इस दौर में सतर्कता, संतुलित दिनचर्या और सही खानपान अपनाकर ही खुद को और अपनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।