टीबी के खिलाफ JOSH टीमों की शुरुआत क्यों? 11 राज्यों के 55 जिलों में युवाओं की बड़ी भागीदारी

Wed 07-Oct-2026,01:37 PM IST +05:30

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टीबी के खिलाफ JOSH टीमों की शुरुआत क्यों? 11 राज्यों के 55 जिलों में युवाओं की बड़ी भागीदारी TB Free India
  • 11 राज्यों के 55 जिलों में JOSH टीमों की शुरुआत होगी।

  • माई भारत स्वयंसेवक और NCC कैडेट जमीनी जागरूकता में योगदान देंगे।

  • ‘खुशी अवतार’ AI चैटबॉट और नई IEC सामग्री भी लॉन्च होगी।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / भारत में तपेदिक यानी टीबी के खिलाफ चल रहे अभियान को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए सरकार ने युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक नई पहल की है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के सहयोग से 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में JOSH यानी ‘जॉइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ’ टीमों का राष्ट्रीय शुभारंभ किया जाएगा।

पहले चरण में JOSH टीमों की शुरुआत देश के 11 राज्यों के 55 जिलों में की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को सामुदायिक लामबंदी से जोड़ना और ‘टीबी मुक्त भारत’ का संदेश स्वास्थ्य केंद्रों से आगे गांव, वार्ड, ब्लॉक और समुदायों तक पहुंचाना है।

राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम में संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, हितधारक, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, प्रथम श्रेणी के अधिकारी, माई भारत स्वयंसेवक और एनसीसी कैडेट भी शामिल होंगे।

कार्यक्रम के दौरान ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ की प्रमुख उपलब्धियों पर आधारित एक वीडियो प्रदर्शित किया जाएगा। इसके बाद JOSH टीमों का औपचारिक शुभारंभ होगा। साथ ही अभियान के लिए नई सूचना, शिक्षा और संचार यानी IEC सामग्री भी जारी की जाएगी। इस मौके पर टीबी उन्मूलन से जुड़ा एआई-संचालित चैटबॉट ‘खुशी अवतार’ भी लॉन्च किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जन जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।

JOSH टीमों की परिकल्पना देश की युवा शक्ति को टीबी उन्मूलन के लिए संगठित सामुदायिक कार्रवाई से जोड़ने के लिए की गई है। इन टीमों में प्रथम श्रेणी के अधिकारी, माई भारत स्वयंसेवक और एनसीसी कैडेट शामिल होंगे। इनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर लोगों तक टीबी के लक्षण, रोकथाम, समय पर जांच और उपचार पूरा करने से जुड़े जरूरी संदेश पहुंचाने में मदद मिलेगी।

यह पहल सिर्फ जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगी। JOSH टीमें टीबी को लेकर मौजूद मिथकों और गलत धारणाओं को दूर करने, बीमारी से जुड़े सामाजिक कलंक को कम करने और लोगों को जांच तथा उपचार के लिए प्रोत्साहित करने में भी योगदान देंगी।

सरकार इस पहल को जनभागीदारी की उस भावना से जोड़ रही है, जिसने टीबी उन्मूलन अभियान को स्थानीय स्तर पर मजबूती दी है। वर्ष 2025 में 697 जिलों की 67,933 पंचायतों को टीबी मुक्त के रूप में मान्यता दी गई। यह उपलब्धि स्वास्थ्यकर्मियों, स्थानीय प्रतिनिधियों, समुदायों और स्वयंसेवकों के सामूहिक प्रयासों को दर्शाती है।

JOSH टीमें इसी सामुदायिक भागीदारी को युवाओं की ऊर्जा और पहुंच के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगी। इसका लक्ष्य यह है कि टीबी मुक्त भारत का संदेश केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित न रहे, बल्कि उन समुदायों तक पहुंचे जहां लोग रहते, काम करते और रोजमर्रा में एक-दूसरे से संवाद करते हैं।

इस पहल में स्वास्थ्य, युवा और रक्षा क्षेत्र की संस्थागत क्षमताओं को एक साथ लाया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय टीबी उन्मूलन की सार्वजनिक स्वास्थ्य रूपरेखा संभालेगा, जबकि युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय माई भारत स्वयंसेवकों तथा एनसीसी कैडेटों की भागीदारी को सुगम बनाएंगे।

कुल मिलाकर, JOSH टीमों का शुभारंभ टीबी के खिलाफ भारत की लड़ाई में युवा भागीदारी, सामुदायिक जागरूकता और ‘संपूर्ण सरकार-संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।