अलवर के खुशखेड़ा में भीषण अग्निकांड: 7 मजदूर जिंदा जले, सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल

Mon 16-Feb-2026,03:39 PM IST +05:30

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Khushkhera Factory Blast
  • खुशखेड़ा केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग.

  • 7 मजदूरों की मौत, कई घायल.

  • सुरक्षा मानकों और अवैध संचालन पर सवाल.

Rajasthan / Alwar :

Alwar / राजस्थान के अलवर जिले के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह हुआ भीषण अग्निकांड एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल गया। प्लॉट संख्या G1-118 स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। हादसे में सात मजदूर जिंदा जल गए, जबकि दो अन्य के अब भी अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। उस समय फैक्ट्री में करीब 25 श्रमिक काम कर रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला।

घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घायलों को तुरंत दिल्ली एम्स रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि फैक्ट्री कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित हो रही थी और यहां चाइनीज पटाखों का निर्माण किया जा रहा था।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में आग की यह पहली घटना नहीं है। जून 2024 में वर्तिका केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड में भीषण आग लगी थी, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी और कई कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे। उस समय शुरुआती जांच में केमिकल रिएक्शन को आग का कारण बताया गया था। फैक्ट्री के बंद ढांचे और अंदर भरे धुएं ने राहत कार्य को और मुश्किल बना दिया था।

इसी तरह, भिवाड़ी और पथरेड़ी औद्योगिक क्षेत्रों में भी हाल के महीनों में आग की घटनाएं सामने आई हैं। एक लाइटर फैक्ट्री में लगी आग ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया था। ऊंची लपटें और काले धुएं के गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दिए थे।

सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल
लगातार हो रहे इन हादसों ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई इकाइयों पर आरोप है कि वे नियमों की अनदेखी करते हुए संचालन कर रही हैं। हर घटना के बाद जांच और सख्त कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार बहुत कम नजर आता है।

ताजा हादसे के बाद फिर वही सवाल सामने है—आखिर खुशखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में आग का यह सिलसिला कब थमेगा? क्या जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी, या फिर यह घटना भी जांच और वादों तक सीमित रह जाएगी? औद्योगिक विकास के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देना अब बेहद जरूरी हो गया है।