नंदीग्राम उपचुनाव: भाजपा ने हासिरानी रथ को दिया टिकट, TMC की संचिता प्रधान डे से मुकाबला
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Nandigram by Election
भाजपा ने नंदीग्राम उपचुनाव में हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया।
हासिरानी रथ का मुकाबला टीएमसी की संचिता प्रधान डे से होगा।
रेजिनगर सीट से भाजपा ने शाखाराव सरकार को टिकट दिया है।
Nandigram / पश्चिम बंगाल में होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। भाजपा ने नंदीग्राम विधानसभा सीट से हासिरानी रथ को मैदान में उतारने का फैसला किया है। यह वही सीट है, जिसे लगातार दो विधानसभा चुनावों में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी जीतते रहे हैं। वहीं, रेजिनगर विधानसभा सीट से पार्टी ने शाखाराव सरकार को उम्मीदवार बनाया है।
भाजपा की ओर से मंगलवार को जारी उम्मीदवारों की सूची में दोनों नामों का ऐलान किया गया। नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाई गईं हासिरानी रथ, शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं। विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई थी। ऐसे में हासिरानी रथ को टिकट दिए जाने को राजनीतिक और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नंदीग्राम में हासिरानी रथ बनाम संचिता प्रधान डे
नंदीग्राम सीट पर हासिरानी रथ का मुकाबला तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे से होगा। इसके अलावा कांग्रेस, ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले बागी गुट और वाम दलों ने भी अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इस वजह से नंदीग्राम में मुकाबला बहुकोणीय होने की संभावना है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हासिरानी रथ मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगी। नामांकन से पहले उन्होंने नंदीग्राम में एक लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल करने का दावा किया है। हालांकि, इस दावे की वास्तविकता चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहा है क्योंकि शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा सीट को बरकरार रखा था। वहीं, रेजिनगर सीट से आम जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद वहां भी उपचुनाव की स्थिति बनी है।
भाजपा के गढ़ में मुकाबला रोचक
नंदीग्राम पिछले दो विधानसभा चुनावों से भाजपा के कब्जे में है। दोनों चुनावों में शुभेंदु अधिकारी विजयी रहे। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था। इसके बाद वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में भी तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पवित्र कर को नंदीग्राम में हार का सामना करना पड़ा।
एक समय नंदीग्राम को तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था। वर्ष 2007 में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के बाद इस क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस का राजनीतिक प्रभाव तेजी से बढ़ा था। बाद में शुभेंदु अधिकारी के भाजपा में शामिल होने के बाद नंदीग्राम की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
उपचुनाव से पहले ऐसी अटकलें थीं कि तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सकती है। हालांकि, फिलहाल दोनों दलों ने अलग-अलग उम्मीदवार उतारे हैं। अब भाजपा, तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और वाम दलों के बीच होने वाला मुकाबला नंदीग्राम की आगामी राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।