बांग्लादेश चुनाव में BNP की जीत

Fri 13-Feb-2026,12:48 PM IST +05:30

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बांग्लादेश चुनाव में BNP की जीत PM-Modi-Congratulates-Tarique-Rahman-BNP-Bangladesh-Election
  • बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में BNP गठबंधन को दो-तिहाई बहुमत की बढ़त, 25 साल बाद सत्ता में वापसी तय।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को जीत पर बधाई देते हुए भारत-बांग्लादेश संबंध मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

Delhi / Delhi :

DELHI/ बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की शानदार जीत के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता तारिक रहमान को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने इस जनादेश को बांग्लादेश की जनता के मजबूत विश्वास का प्रतीक बताया और लोकतांत्रिक व स्थिर बांग्लादेश के साथ भारत के सहयोग को दोहराया।

बांग्लादेश में हुए 13वें आम चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। शुरुआती रुझानों के अनुसार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी गठबंधन ने 300 सदस्यीय संसद में दो-तिहाई से अधिक सीटों पर बढ़त हासिल की है। आंकड़ों के मुताबिक अकेले BNP लगभग 165 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि सहयोगी दल जमात-ए-इस्लामी करीब 62 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

लंबे समय से सत्ता में रही अवामी लीग के बाद अब सत्ता परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है। करीब 25 वर्षों बाद BNP की सत्ता में वापसी को बांग्लादेश की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर तारिक रहमान को जीत की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता के उनके नेतृत्व में विश्वास को दर्शाती है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंध विकास, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता के साझा लक्ष्यों के तहत और मजबूत होंगे।

इस चुनाव में तारिक रहमान प्रभावशाली नेता के रूप में उभरे हैं। उन्होंने बोगरा-6 और ढाका-17 दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से निर्णायक जीत दर्ज की है। वहीं BNP के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने ठाकुरगांव-1 सीट से करीब 2.5 लाख मतों की भारी बढ़त हासिल कर राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया।

तारिक रहमान BNP के कार्यवाहक अध्यक्ष हैं और वे बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बड़े बेटे हैं। 2001 से 2006 के दौरान खालिदा जिया के शासनकाल में उन्हें पार्टी का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता था। 2007 के राजनीतिक संकट के बाद वे यूनाइटेड किंगडम चले गए और तब से लंदन से ही पार्टी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। अब सबकी नजरें नई सरकार के गठन और भारत-बांग्लादेश संबंधों की आगामी दिशा पर टिकी हैं।