बालोद में पहली राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी, 15 हजार युवा 13 जनवरी तक होंगे शामिल
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National Rover Ranger Jamboree Balod Chhattisgarh 2026
देश-विदेश से आए 15,000 प्रतिभागी भारतीय व वैश्विक संस्कृति, लोककलाओं और सामाजिक समरसता का अनुभव करेंगे।
एडवेंचर, पर्यावरण संरक्षण और कौशल विकास गतिविधियां युवाओं के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देंगी।
Balod/ छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के लिए यह क्षण ऐतिहासिक बन गया है, जहां पहली बार राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन आज से 13 जनवरी 2026 तक ग्राम दुधली में संपन्न होगा, जिसमें भारत सहित विभिन्न देशों से लगभग 15,000 रोवर, रेंजर और सीनियर स्काउट-गाइड भाग ले रहे हैं।
इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ से 4,252 रोवर-रेंजर सहभागिता कर रहे हैं, जबकि शेष प्रतिभागी देश के अलग-अलग राज्यों और विदेशों से बालोद पहुंचे हैं। जंबूरी का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व को मजबूत करना है।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय और वैश्विक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। विभिन्न राज्यों और देशों की लोककलाएं, पारंपरिक नृत्य, वेशभूषा, खानपान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस आयोजन को विशिष्ट बनाएंगी। इससे प्रतिभागियों को विविध संस्कृतियों को समझने और आपसी समरसता बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
जंबूरी में एडवेंचर गतिविधियां, नेतृत्व विकास कार्यशालाएं, पर्यावरण संरक्षण अभियान, सामाजिक सेवा कार्यक्रम और कौशल विकास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं के शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
इस ऐतिहासिक आयोजन का औपचारिक शुभारंभ आज दोपहर 2 बजे छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल जैन की विशेष उपस्थिति भी रहेगी।
राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के आयोजन से बालोद जिले को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। यह आयोजन न केवल युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होगा, बल्कि जिले के पर्यटन, स्थानीय संस्कृति और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगा।