डॉ. अंबेडकर की ऐतिहासिक संघ शाखा भेंट की 86वीं वर्षगांठ पर कराड में बंधुता परिषद 2026
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Dr Ambedkar Karad Bandhuta Parishad 2026
कार्यक्रम में केंद्रीय और राज्य स्तर के प्रमुख वक्ता संवैधानिक मूल्यों, बंधुता और सामाजिक समरसता पर विचार साझा करेंगे।
यह आयोजन मतभेदों के बावजूद संवाद, अपनत्व और राष्ट्रीय एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का मंच बनेगा।
Delhi/ भारतीय संविधान के निर्माता भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की ऐतिहासिक विचारधारा और सामाजिक समरसता के संदेश को स्मरण करते हुए उनकी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा भेंट की 86वीं वर्षगांठ पर कराड में भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष कार्यक्रम ‘बंधुता परिषद 2026’ एवं आपुलकी मिलन समारोह के रूप में शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को सायं 4 बजे कराड के भवानी मैदान, पंतांचा कोट, सोमवार पेठ में आयोजित होगा।
यह वही ऐतिहासिक स्थल है, जहां 2 जनवरी 1940 को डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने संघ शाखा को भेंट दी थी। उस अवसर पर उन्होंने कहा था कि “कुछ बातों में मतभेद होने के बावजूद मैं इस संघ को अपनत्व की दृष्टि से देखता हूँ।” यह कथन 9 जनवरी 1940 के ‘केसरी’ और 20 जनवरी 1940 के ‘जनता’ साप्ताहिक में प्रकाशित हुआ था। यह घटना आज भी समाज में वैचारिक मतभेदों के बावजूद बंधुता, संवाद और सहअस्तित्व का प्रेरक उदाहरण मानी जाती है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र राज्य के लोक निर्माण मंत्री श्री शिवेंद्रसिंह राजे भोसले होंगे। मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना सामाजिक बंधुता और संवैधानिक मूल्यों पर अपने विचार रखेंगे। वहीं पद्मश्री मिलिंद कांबळे, राष्ट्रीय अध्यक्ष, DICCI, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
लोक कल्याण मंडल ट्रस्ट, कराड द्वारा आयोजित यह आयोजन सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और बंधुता के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास है।