हरिपुरधार बस हादसा: माघी से पहले मातम, 14 की मौत, दर्जनों घायल

Fri 09-Jan-2026,11:55 PM IST +05:30

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हरिपुरधार बस हादसा: माघी से पहले मातम, 14 की मौत, दर्जनों घायल Himachal-Bus-Accident
  • हरिपुरधार में निजी बस खाई में गिरी, 14 की मौत.

  • 45 से ज्यादा यात्री घायल, कई की हालत गंभीर.

  • प्रशासनिक जांच और राहत कार्य तेज.

Himachal Pradesh / Sirmaur :

Sirmour / हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की शांत वादियां इन दिनों गहरे शोक में डूबी हुई हैं। जहां दो दिन बाद माघी पर्व की खुशियां, पकवानों की खुशबू और ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई देनी थी, वहां आज सन्नाटा पसरा है। हरिपुरधार के पास हुए भीषण बस हादसे ने त्योहार की सारी रौनक छीन ली और कई घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझा दिए। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 45 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। कई घायलों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, शिमला से कुपवी जा रही निजी बस (जीत कोच) हरिपुरधार से लगभग 200 मीटर पहले अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसा इतना भयानक था कि बस के गिरते ही पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। आसपास के गांवों के लोग सबसे पहले मदद के लिए दौड़े और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान पहले 9 शव खाई से बाहर निकाले गए। बाद में इलाज के दौरान और हायर सेंटर ले जाते समय 5 और घायलों ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई।

सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए हरिपुरधार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है। मृतकों की पहचान हिमांशी, हिमा, विलम सिंह, प्रोमिला देवी, सूरत सिंह, सुमन, रमेश, कियान, रिआंशी (सभी निवासी कुपवी), सनम पुत्री संत राम (रोहनाट), बलबीर (बेचड़ का बाग ददाहू), मोहन सिंह (चौरास नौहराधार) और प्रियंका (पंजाह हरिपुरधार) के रूप में हुई है। एक महिला के शव की पहचान अभी नहीं हो पाई है। इस हादसे ने लोगों को तब और झकझोर दिया, जब पता चला कि मृतकों में 6 माह की एक मासूम बच्ची भी शामिल है।

कुपवी क्षेत्र के आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें कुलग गांव के चार लोग एक ही परिवार या गांव से बताए जा रहे हैं। घायलों के इलाज को लेकर प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। नाहन मेडिकल कॉलेज से एक गंभीर घायल को चंडीगढ़ रेफर किया गया है। वहीं 14 घायलों को सोलन अस्पताल ले जाया गया, जहां से दो को पीजीआई रेफर किए जाने की जानकारी मिली है। सोलन अस्पताल में भर्ती घायलों में मां-बेटी भी शामिल हैं। 9 वर्षीय दिव्यांशी ने बताया कि हादसे के दौरान उसे कुछ समझ ही नहीं आया और उसके पैर में चोट लगी है।

बताया जा रहा है कि हादसे के समय बस में करीब 60 यात्री सवार थे। स्थानीय लोगों की मदद से कई घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया, जिस कारण शुरुआती दौर में मृतकों और घायलों की सही संख्या सामने आने में समय लगा। आशंका जताई जा रही है कि कुछ यात्री बस की छत पर भी बैठे थे और बस के पलटते ही नीचे गिर गए, जिससे जानमाल का नुकसान ज्यादा हुआ।

हादसे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर पाला जमने के कारण बस फिसल गई और चालक का नियंत्रण छूट गया। प्रशासन ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए जाने की संभावना है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक एन.एस. नेगी स्वयं मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। संगड़ाह, राजगढ़ और ददाहू से अतिरिक्त पुलिस बल और टीमें भेजी गईं। देर शाम उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री नाहन मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों का हाल जाना और बेहतर इलाज के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने भी इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

इस हादसे ने न केवल माघी पर्व की खुशियां छीन लीं, बल्कि कई परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय ने मृतकों के परिजनों को प्रति मृतक दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। प्रशासन की जांच जारी है और पूरे हिमाचल में इस हादसे को लेकर गहरा दुख और संवेदना का माहौल है।