वीर गाथा 5.0: 1.92 करोड़ छात्रों की भागीदारी
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पहली बार वीडियो, एंकरिंग और डिजिटल स्टोरीटेलिंग को शामिल कर छात्रों में रचनात्मक देशभक्ति को बढ़ावा।
18 देशों के CBSE स्कूलों की भागीदारी से वीर गाथा की अंतरराष्ट्रीय पहचान और प्रभाव मजबूत।
New Delhi/ गणतंत्र दिवस समारोह के अंतर्गत रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय की संयुक्त पहल प्रोजेक्ट ‘वीर गाथा 5.0’ को इस वर्ष अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है। वर्ष 2025-26 में आयोजित इस संस्करण में देशभर के लगभग 1.90 लाख स्कूलों के 1.92 करोड़ छात्रों ने भाग लिया, जो 2021 में इसकी शुरुआत के बाद अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी है। यह पहल अब केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि छात्रों में देशभक्ति और नागरिक कर्तव्यबोध जगाने वाला राष्ट्रीय आंदोलन बन चुकी है।
इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर 100 विजेताओं (सुपर-100) का चयन किया गया है। इनमें प्राथमिक चरण (कक्षा 3-5) से 25, मध्य चरण (कक्षा 6-8) से 25 और माध्यमिक चरण (कक्षा 9-12) से 50 छात्र शामिल हैं। इन विजेताओं को नई दिल्ली में रक्षा और शिक्षा मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक विजेता को ₹10,000 नकद पुरस्कार और गणतंत्र दिवस परेड 2026 में कर्तव्य पथ पर विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
8 सितंबर 2025 को शुरू की गई वीर गाथा 5.0 में इस बार कई नवाचार किए गए। पहली बार वीडियोग्राफी, एंकरिंग, रिपोर्टिंग और कहानी सुनाने जैसे लघु वीडियो प्रारूपों को शामिल किया गया, जिससे छात्रों को रचनात्मक माध्यमों के जरिए भारत की सैन्य परंपराओं और वीरता की गाथाओं को प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इससे न केवल प्रतिभागियों की रचनात्मकता बढ़ी, बल्कि विषयवस्तु की गुणवत्ता भी पहले से कहीं बेहतर हुई।
छात्रों को राजा खारवेल, पृथ्वीराज चौहान, छत्रपति शिवाजी महाराज, 1857 के स्वतंत्रता सेनानी और जनजातीय विद्रोहों के नायकों जैसी ऐतिहासिक हस्तियों के साहस और रणनीतियों पर अध्ययन के लिए प्रेरित किया गया। इससे छात्रों की ऐतिहासिक समझ और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा मिली।
इस वर्ष का एक ऐतिहासिक पहलू यह रहा कि विदेशों में स्थित सीबीएसई-संबद्ध स्कूलों ने पहली बार भाग लिया। 18 देशों के 91 स्कूलों के 28,005 छात्रों ने प्रविष्टियाँ भेजीं, जिससे ‘वीर गाथा’ की वैश्विक पहुंच और भारत की वीरता कथाओं का अंतरराष्ट्रीय प्रसार संभव हुआ।
विद्यालय, जिला और राज्य स्तर पर मूल्यांकन के बाद 4,020 प्रविष्टियाँ राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचीं, जिनमें से सुपर-100 का चयन किया गया। इसके अतिरिक्त राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर और जिला स्तर पर भी विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
2021 में आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत शुरू हुई यह परियोजना आज छात्रों में देशभक्ति, वीरता और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को सुदृढ़ करने की एक सशक्त पहल बन चुकी है।