शिक्षा मंत्रालय ने समिट में रखा एआई शिक्षा विस्तार का रोडमैप, छात्रों को बड़े अवसर
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शिक्षा मंत्रालय ने समिट में एआई शिक्षा विस्तार पर केंद्रित सत्र आयोजित कर स्कूलों और कॉलेजों में एआई आधारित पाठ्यक्रमों की जरूरत पर बल दिया।
विशेषज्ञों ने कहा कि भारत में एआई साक्षरता बढ़ाने से छात्रों को वैश्विक स्तर की तकनीकी क्षमता और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मंत्रालय ने भविष्य में स्थानीय भाषाओं में एआई संसाधन उपलब्ध कराने और शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत करने की योजना प्रस्तुत की।
Delhi / शिक्षा मंत्रालय ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान “भारत में एआई का दायरा बढ़ाना” विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र का आयोजन किया। इस सत्र का उद्देश्य शिक्षण–अध्ययन प्रक्रियाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समावेशन, छात्रों के लिए कौशल-विकास के नए अवसरों तथा राष्ट्रीय शिक्षा ढांचे में उन्नत तकनीक की भूमिका पर विस्तृत चर्चा करना था।
सत्र में विशेषज्ञों ने कहा कि एआई भविष्य का नहीं, बल्कि वर्तमान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में शिक्षा क्षेत्र में इसकी उपयोगिता को समझना और उसे बेहतर तरीके से लागू करना समय की मांग है। एआई आधारित टूल्स, स्मार्ट क्लासरूम, व्यक्तिगत लर्निंग प्लेटफॉर्म और डेटा आधारित शिक्षण आकलन जैसे नवाचारों को तेजी से अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
सत्र के दौरान यह भी उल्लेख किया गया कि भारत अगले कुछ वर्षों में एआई हब बनने की क्षमता रखता है। इसके लिए शिक्षकों को तकनीकी प्रशिक्षण, छात्रों को एआई साक्षरता, और संस्थानों में मजबूत डिजिटल आधारभूत संरचना जरूरी है। यह पहल न केवल शिक्षा को उन्नत करेगी बल्कि नवाचार को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी।
भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था में एआई कौशल अत्यधिक महत्वपूर्ण हो चुके हैं। इसीलिए मंत्रालय ने बताया कि आने वाले वर्षों में स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों में एआई से जुड़े नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। साथ ही, स्थानीय भाषाओं में एआई संसाधन विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि अधिक से अधिक छात्रों को इसका लाभ मिल सके।
अंत में, शिक्षा मंत्रालय ने जोर दिया कि भारत में एआई अपनाने का लक्ष्य केवल तकनीकी उन्नति नहीं, बल्कि समावेशी विकास है। इस दिशा में सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के समन्वय से ही एक मजबूत एआई-आधारित शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जा सकता है।