5 लाख की इनामी महिला माओवादी ने किया आत्मसमर्पण

Tue 06-Jan-2026,05:23 PM IST +05:30

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5 लाख की इनामी महिला माओवादी ने किया आत्मसमर्पण Female-Maoist-Surrender-Chhattisgarh
  • 5 लाख की इनामी भूमिका उर्फ गीता कई बड़ी नक्सली मुठभेड़ों में शामिल रही, अब मुख्यधारा में लौटने का निर्णय।

  • माओवादी उन्मूलन अभियान के तहत महिला कमांडर का सरेंडर, छत्तीसगढ़-ओडिशा नक्सल नेटवर्क पर बड़ा प्रभाव।

Chhattisgarh / Dhamtari :

DHAMTARI/ माओवादी उन्मूलन अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। वर्षों तक सक्रिय रहने के बाद एक इनामी महिला माओवादी ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। आत्मसमर्पण करने वाली महिला की पहचान भूमिका उर्फ गीता के रूप में हुई है, जिस पर शासन द्वारा 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह आत्मसमर्पण पुलिस मुख्यालय के मार्गदर्शन में तथा रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश कुमार मिश्रा के निर्देशन में संपन्न हुआ।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार भूमिका उर्फ गीता वर्ष 2005 से माओवादी संगठन से जुड़ी हुई थी। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद वह 2010 तक प्लाटून-01 का हिस्सा रही। इसके बाद उसे ओडिशा राज्य कमेटी में भेजा गया, जहां उसने संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।

वर्ष 2011 से 2019 के बीच वह केंद्रीय समिति सदस्य (CCM) संग्राम की सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात रही। इसके बाद 2019 से 2023 तक उसने सीनापाली एरिया कमेटी में एरिया कमेटी मेंबर (ACM) के रूप में कार्य किया। सितंबर 2023 में उसे गोबरा एलओएस का कमांडर नियुक्त किया गया, जो संगठन में उसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भूमिका उर्फ गीता कई बड़ी नक्सली मुठभेड़ों में शामिल रही है। इनमें ओडिशा, छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती जंगलों में हुई मुठभेड़ें शामिल हैं, जहां कई नक्सली मारे गए और सुरक्षा बलों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

हाल के वर्षों में संगठन के भीतर बढ़ते दबाव, सुरक्षा बलों की सख्ती और आंतरिक असंतोष के चलते उसने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। पुलिस का कहना है कि यह आत्मसमर्पण नक्सल विरोधी अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक सफलता है और इससे अन्य भटके हुए युवाओं को भी मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा मिलेगी।