भारत पर अमेरिकी टैरिफ घटा 18%, राजनाथ सिंह ने बताया ऐतिहासिक कदम
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
US-Cuts-Tariff-On-India-To-18-Percent
टैरिफ कटौती से भारत के निर्यात, मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक क्षेत्रों को मजबूती मिलने के साथ द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की बातचीत के बाद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सहमति बनी, जिससे ‘मेड इन इंडिया’ को बड़ा लाभ मिलेगा।
Delhi/ भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक अहम मोड़ सामने आया है। अमेरिकी सरकार द्वारा भारत पर लगाए गए जवाबी टैरिफ में कटौती के फैसले का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की है।
भारत पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ में कटौती को लेकर केंद्र सरकार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस फैसले को भारत-अमेरिका संबंधों के लिए ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद यह घोषणा की कि अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका एक व्यापक व्यापार समझौते पर सहमत हो चुके हैं, जिससे आने वाले वर्षों में व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर टैरिफ घटाया जाना भारत के उद्योग और निर्यातकों के लिए बड़ी राहत है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत बेहद सकारात्मक रही और इस फैसले के लिए उन्होंने भारत की 1.4 अरब जनता की ओर से धन्यवाद व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतंत्र साथ मिलकर काम करते हैं, तो इसका लाभ केवल दोनों देशों को ही नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का नेतृत्व महत्वपूर्ण है और भारत उनके शांति प्रयासों का समर्थन करता रहेगा।
इस व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने यह भी संकेत दिया है कि भारत अमेरिका के खिलाफ लगाए गए शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को शून्य की ओर ले जाने की दिशा में कदम बढ़ाएगा। ट्रंप ने दावा किया कि भारत आने वाले समय में अमेरिका से ऊर्जा सहित 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का सामान खरीदेगा, जिससे अमेरिकी उद्योग और रोजगार को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ में कटौती से भारत के निर्यात क्षेत्रों, विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट्स और फार्मा सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। इससे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती मिलेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में उस समय रुकावट आई थी, जब अमेरिकी प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक शुल्क बढ़ा दिया था। इसमें रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर लगाया गया अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था। हालांकि दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत जारी रही।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर वाशिंगटन डीसी में मौजूद हैं। जानकारों के अनुसार, इस दौरे के दौरान व्यापार, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर आगे की रूपरेखा तय की जा सकती है।