सीहोर के श्लोक प्रजापति बने एमपी बोर्ड टॉपर, 98.6 प्रतिशत अंक हासिल

Wed 15-Apr-2026,06:27 PM IST +05:30

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सीहोर के श्लोक प्रजापति बने एमपी बोर्ड टॉपर, 98.6 प्रतिशत अंक हासिल MP-Board-Topper-Shlok-Prajapati-Sehore-98-Percent-News
  • सीहोर के छात्र श्लोक प्रजापति ने 98.6% अंक प्राप्त कर एमपी बोर्ड 12वीं विज्ञान-गणित में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया।

  • सीमित संसाधनों के बावजूद श्लोक ने नियमित 3–4 घंटे की पढ़ाई और कॉन्सेप्ट समझने की रणनीति से शानदार सफलता प्राप्त की।

Madhya Pradesh / Sehore :

Sehore/ सीहोर जिले के होनहार छात्र श्लोक प्रजापति ने मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) की 12वीं कक्षा की परीक्षा में विज्ञान-गणित संकाय में 98.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि ने न केवल परिवार बल्कि पूरे जिले को गर्व से भर दिया है।

श्लोक की सफलता इस बात का उदाहरण है कि मेहनत और लगन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले श्लोक के पिता विनोद प्रजापति हाउसिंग बोर्ड में पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद श्लोक ने अपनी पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखी और उत्कृष्ट परिणाम हासिल किया।

यह पहली बार नहीं है जब श्लोक ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया हो। कक्षा 10वीं में भी उन्होंने प्रदेश की मेरिट सूची में 7वां स्थान प्राप्त किया था। लगातार दो परीक्षाओं में बेहतरीन प्रदर्शन से यह स्पष्ट हो गया था कि वे असाधारण प्रतिभा के धनी हैं।

अपनी सफलता का श्रेय श्लोक ने अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उन्होंने बताया कि वे नियमित रूप से स्कूल जाते थे और घर पर रोजाना 3 से 4 घंटे पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई करते थे। श्लोक ने कहा कि उन्होंने रटने के बजाय विषयों को समझने पर जोर दिया, जिससे उन्हें अवधारणात्मक ज्ञान मजबूत करने में मदद मिली।

उनकी इस उपलब्धि के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी उनके घर पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

श्लोक ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य सिविल सर्विसेज परीक्षा पास करना है। वे भविष्य में एक कलेक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहते हैं। उनकी यह सोच उन्हें अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनाती है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने श्लोक की इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया है और कहा है कि ऐसे छात्र राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य करते हैं।