फालता विधानसभा चुनाव 2026: भाजपा की ऐतिहासिक जीत, देबांग्शु पांडा ने 1 लाख+ वोटों से दर्ज की बड़ी जीत
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Falata Widhan Sabha Chunav
फालता सीट पर भाजपा की ऐतिहासिक और रिकॉर्ड जीत.
देबांग्शु पांडा ने 1 लाख+ वोटों के अंतर से जीत दर्ज की.
74 साल बाद कांग्रेस-CPI(M) का गढ़ टूटा.
Falata / पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर आए चुनावी नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्ज किया है। इस बार भाजपा ने ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए सबको चौंका दिया है। भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने 1 लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की, जिसे राजनीतिक विश्लेषक एक बड़ी जनसमर्थन लहर के रूप में देख रहे हैं।
फालता सीट पर भाजपा को कुल 1.49 लाख से अधिक वोट मिले, जबकि CPI(M) उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी लगभग 40 हजार वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार, जिन्होंने बाद में चुनाव से पीछे हटने की घोषणा की थी, चौथे स्थान पर रहे। इस परिणाम ने यह साफ कर दिया कि फालता में मतदाताओं का झुकाव इस बार पूरी तरह भाजपा की ओर रहा।
यह सीट 74 वर्षों के इतिहास में पहली बार भाजपा के खाते में गई है। 1952 से 2006 तक यह क्षेत्र कांग्रेस और CPI(M) का गढ़ माना जाता था, जबकि 2011 के बाद लगातार तीन बार यहां TMC ने जीत दर्ज की थी। लेकिन इस बार के नतीजों ने पूरी राजनीतिक तस्वीर बदल दी।
भाजपा की इस जीत के साथ पश्चिम बंगाल में उसकी कुल सीटें बढ़कर 208 हो गई हैं, जबकि TMC के पास 80 सीटें रह गई हैं। खास बात यह है कि इस चुनाव में सबसे बड़े अंतर से जीत के दो रिकॉर्ड भाजपा के नाम रहे, जिसमें फालता सीट सबसे आगे रही। यहां देबांग्शु पांडा ने 1,09,021 वोटों के अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की और उनका वोट शेयर लगभग 71 प्रतिशत रहा।
फालता सीट साउथ 24 परगना जिले के अंतर्गत आती है, जहां कुल 31 विधानसभा सीटें हैं। इस क्षेत्र में भाजपा ने इस बार 11 सीटों पर जीत दर्ज की है, जो पहले के मुकाबले एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं सागर, काकद्वीप, गोसाबा, सोनारपुर, जादवपुर, टॉलीगंज और बेहला जैसे शहरी इलाकों में भी भाजपा ने पहली बार मजबूत प्रदर्शन किया है।
हालांकि कुछ सीटों पर TMC ने अपनी पकड़ बनाए रखी, जैसे बासंती, कुलतली, रायदीघी और बजबज। लेकिन कुल मिलाकर इस चुनाव ने राज्य में राजनीतिक संतुलन को काफी हद तक बदल दिया है।
फालता सीट पर मतदान 21 मई को रीपोलिंग के जरिए कराया गया था, जहां मतदान प्रतिशत बढ़कर 88.13% तक पहुंच गया। इससे पहले 29 अप्रैल को मतदान के दौरान कई बूथों पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं, जिनमें EVM में छेड़छाड़ के आरोप भी शामिल थे। जांच के बाद 60 से अधिक बूथों पर गड़बड़ी के संकेत मिले थे।
चुनाव के दौरान तनावपूर्ण माहौल भी देखने को मिला था, लेकिन रीपोलिंग के बाद स्थिति सामान्य हो गई। इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि मतदाताओं ने इस बार बदलाव के पक्ष में वोट किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फालता के लोगों ने लोकतंत्र की ताकत को दिखाया है और यह परिणाम जनता के विश्वास का प्रतीक है।
कुल मिलाकर, फालता सीट का यह चुनावी परिणाम पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जहां भाजपा ने मजबूत उपस्थिति दर्ज कर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।