आयुष मंत्रालय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन: ASU&H दवाओं की गुणवत्ता पर जोर
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GMP Guidelines
PCIM&H प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन.
ASU&H दवाओं की गुणवत्ता पर जोर.
GMP और नियामक प्रणाली का प्रशिक्षण.
Delhi / आयुष मंत्रालय के तहत भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी के लिए फार्माकोपिया आयोग (PCIM&H) ने नई दिल्ली में आयोजित पांच दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन किया। यह कार्यक्रम 18 से 22 मई 2026 तक आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी (ASU&H) दवाओं के क्षेत्र में नियामक समझ को मजबूत करना और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना था।
इस प्रशिक्षण में देशभर से आए 28 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें औषधि प्रवर्तन अधिकारी, गुणवत्ता नियंत्रण विशेषज्ञ, निर्माता और शोध संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान फार्माकोग्नोसी, फाइटोकेमिकल विश्लेषण, GMP (Good Manufacturing Practices), माइक्रोबायोलॉजिकल मूल्यांकन और विनियामक ढांचे पर विस्तृत तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।
पहले दो दिनों में प्रतिभागियों को प्रयोगशाला आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जबकि तीसरे दिन उद्योग भ्रमण के तहत उन्हें डॉ. विल्मर श्वाब इंडिया प्रा. लि. और हमदर्द लैबोरेट्रीज जैसी प्रमुख संस्थाओं का दौरा कराया गया। इससे उन्हें वास्तविक औद्योगिक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के अंतिम दिनों में औषधियों की शेल्फ-लाइफ अध्ययन, मानकीकरण और नियामक पहलुओं पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। समापन सत्र में विशेषज्ञों ने गुणवत्ता आश्वासन और वैज्ञानिक मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला।
यह पूरा कार्यक्रम ASU&H दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे देश में पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को और अधिक वैज्ञानिक एवं विश्वसनीय बनाया जा सकेगा।