सकुरा साइंस प्रोग्राम 2026: 56 भारतीय छात्र जापान रवाना, विज्ञान और शिक्षा आदान-प्रदान कार्यक्रम

Sat 23-May-2026,11:57 PM IST +05:30

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सकुरा साइंस प्रोग्राम 2026: 56 भारतीय छात्र जापान रवाना, विज्ञान और शिक्षा आदान-प्रदान कार्यक्रम Sakura Science Program
  • 56 भारतीय छात्र सकुरा साइंस प्रोग्राम 2026 के तहत जापान रवाना. 

  • विज्ञान और तकनीक में अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त करेंगे छात्र. 

  • NEP 2020 के तहत अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा. 

Delhi / Delhi :

Delhi / भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (DoSEL) ने एनसीईआरटी, नई दिल्ली में एक विशेष समारोह के दौरान सकुरा साइंस प्रोग्राम 2026 में भाग लेने वाले 56 स्कूली छात्रों के दल को जापान के लिए रवाना किया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को वैश्विक विज्ञान, तकनीक और संस्कृति से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

इस अवसर पर मंत्रालय की अपर सचिव श्रीमती अर्चना शर्मा अवस्थी, एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी तथा आर्थिक सलाहकार श्रीमती ए. सृजा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी गईं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

भारत के 56 मेधावी छात्र करेंगे जापान यात्रा
इस वर्ष 24 मई से 30 मई 2026 तक 56 भारतीय विद्यार्थी और 4 पर्यवेक्षक जापान की यात्रा करेंगे। इनमें 24 लड़के और 32 लड़कियाँ शामिल हैं, जो देश के 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों—असम, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव—से चयनित किए गए हैं।

ये सभी विद्यार्थी राष्ट्रीय साधन सह योग्यता छात्रवृत्ति (NMMSS) योजना के लाभार्थी हैं, जो आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर देती है।

विज्ञान और संस्कृति का अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान
सकुरा साइंस प्रोग्राम की शुरुआत जापान साइंस एंड टेक्नोलॉजी एजेंसी (JST) द्वारा वर्ष 2014 में की गई थी। भारत इस कार्यक्रम में 2016 से लगातार भाग ले रहा है। इसका उद्देश्य एशियाई देशों के विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्रदान करना है।

इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को जापान की उन्नत प्रयोगशालाओं, तकनीकी संस्थानों और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाता है, जिससे उनकी वैज्ञानिक सोच और नवाचार क्षमता को बढ़ावा मिलता है।

अब तक 96 पर्यवेक्षकों के साथ 674 भारतीय विद्यार्थी इस कार्यक्रम के माध्यम से जापान की यात्रा कर चुके हैं। हाल ही में अगस्त 2025 में भी एक दल जापान गया था।

NEP 2020 और अनुभवात्मक शिक्षा का महत्व
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 शिक्षा को “समग्र, रोचक और अनुभवात्मक” बनाने पर जोर देती है। इसी दृष्टिकोण के तहत विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर वास्तविक दुनिया से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

जापान जैसे देशों की यात्रा छात्रों को आधुनिक विज्ञान, तकनीक और नवाचार को करीब से समझने का अवसर देती है। साथ ही यह उन्हें वैश्विक स्तर पर सोचने और सीखने के लिए प्रेरित करती है।

सकुरा साइंस प्रोग्राम 2026 न केवल भारतीय छात्रों के लिए एक शैक्षणिक यात्रा है, बल्कि यह उनके भविष्य को वैश्विक दृष्टिकोण देने का एक मजबूत मंच भी है। यह पहल भारत और जापान के बीच शैक्षिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करती है, साथ ही युवाओं में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करती है।